गज्जी भाटी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा समेत सभी आरोपी बरी
गज्जी भाटी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा समेत सभी आरोपी बरी
गाजियाबाद( सच कहूँ/रविंद्र सिंह )। खोड़ा में भाजपा नेता गज्जी भाटी की हत्या और भाजपा मंडल अध्यक्ष बलबीर सिंह चौहान पर जानलेवा हमले के करीब नौ साल पुराने मामले में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा समेत सभी आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट/फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 में न्यायाधीश निशांत मान की अदालत ने मामले में फैसला सुनाया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप सिंह के मुताबिक, अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित नहीं कर सका। अदालत के फैसले के बाद अमरपाल शर्मा ने सोशल मीडिया एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'ईश्वर के यहां देर है, अंधेर नहीं।'
2 सितंबर 2017 को हुई थी वारदात
खोड़ा के शनि चौक से 2 सितंबर 2017 को दोपहर करीब डेढ़ बजे गज्जी भाटी और भाजपा मंडल अध्यक्ष बलबीर सिंह चौहान बाइक से अपने कार्यालय जा रहे थे। आरोप है कि आर के मेमोरियल स्कूल से पहले घात लगाए बैठे दो युवकों ने उन पर गोलीबारी कर दी। हमले में गज्जी भाटी की मौत हो गई, जबकि बलबीर सिंह चौहान गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।मामले में गज्जी भाटी के भाई योगेश भाटी ने 3 सितंबर 2017 को खोड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, घटना के समय योगेश भाटी, रीना भाटी, बोरा ठाकुर और चालक गुलाब सिंह भी अपनी स्कार्पियो गाडी से गज्जी भाटी की बाइक के पीछे चल रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके बाद नरेंद्र गुर्जर, नरेंद्र फौजी और राजकुमार उर्फ राजू पहलवान सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए। विवेचना के दौरान तत्कालीन विधायक अमरपाल शर्मा को कथित साजिशकर्ता के रूप में भी आरोपी बनाया गया था।
चश्मदीद की गवाही और पिस्टल को लेकर उठे सवाल
बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप चौधरी ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान हमले में घायल बलबीर चौहान ने आरोपियों की पहचान करने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे अभियोजन पक्ष के मामले की प्रमुख कमजोरी बताया। बचाव पक्ष के अनुसार, विवेचना के दौरान पिस्टल के कैलिबर को लेकर भी सवाल उठे। अधिवक्ता का दावा है कि विवेचक ने .30 कैलिबर की पिस्टल दिखाई थी, जबकि जांच में उसके .32 कैलिबर की होने की बात सामने आई। बचाव पक्ष ने विवेचना में इन तथ्यों और साक्ष्यों से जुड़ी खामियों को आरोपियों के पक्ष में अहम बताया। अदालत ने सुनवाई के बाद पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा सहित सभी आरोपियों को हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में बरी कर दिया।
2017 में हुई थी मामले की विवेचना
इस हत्याकांड की विवेचना वर्ष 2017 में खोड़ा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी ध्रुवभूषण दुबे ने की थी। मामले में गज्जी भाटी की पत्नी रीना भाटी, भाई योगेश भाटी, घायल बलबीर चौहान समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। करीब नौ साल तक चले मुकदमे के बाद अदालत का फैसला आया।