शिक्षा और रोजगार
किसानों की मीटिंग में बड़ा फैसला, संसद तक ट्रैक्टर मार्च का फैसला स्थगित
नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। तीन नए कृषि कानूनों को सरकार ने वापस ले लिया है। इस बीच आज किसानों की बैठक हुई जिसमें अहम फैसला लिया गया। किसानों ने संसद तक प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च को स्थगित कर दिया है। आज सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बैठक की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से इस बात का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
क्या है किसानों की मांग
- एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर गारंटी कानून बनाया जाए, जो कि जो एमएस स्वामीनाथन आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार निर्धारित है।
- बिजली संशोधन विधेयक को रद्द करना।
- आंदोलनकारी किसानों के खिलाफ मामले वापस लेना।
- विरोध प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को सहायता राशि देना।
कृषि कानूनों को निरस्त करने से संबंधित विधेयक लोकसभा में पहले ही दिन होगा पेश
सरकार तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने से संबंधित विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही लोकसभा में पेश करेगी। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और लोकसभा की पहले ही दिन की कार्यसूची में कृषि कानून निरस्त विधेयक 2021 को सूचीबद्ध किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 29 नवंबर को ही इन विधेयकों को निरस्त करने का ऐलान किया था। इसके बाद पिछले बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कृषि कानूनों को निरस्त करने से संबंधित इस विधेयक को मंजूरी दी गई थी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने उस समय कहा था कि सरकार विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में ही शुरू कर देगी। इसे देखते हुए कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी सहित अन्य दलों ने अपने-अपने सदस्यों से पहले दिन सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। तीनों नए कृषि कानून गत वर्ष सितंबर में पारित किए गए थे लेकिन अनेक किसान संगठनों ने इन कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए पिछले वर्ष 26 नवंबर से इनके खिलाफ आंदोलन और धरना शुरू किया था। किसान संगठन उस समय से ही इन कानूनों को निरस्त करने की मांग करते आ रहे थे।
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