कुंभकर्ण और मेघनाथ वध से रावण की सेना में मचा हाहाकार

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कैराना। कस्बे में स्थित गौशाला भवन में रामलीला महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। 16 वें दिन की लीला के दौरान दिखाया गया कि जब रावण को पता लगता है कि लक्ष्मण की मूर्च्छा खुल गई है तो वह अपने भाई कुंभकर्ण को युद्ध भूमि में जाने के लिए कहता है। कुंभकर्ण लंकेश को समझाता है कि राम साधारण मानव नहीं है, परंतु कुंभकर्ण के मुख से दुश्मन की प्रशंसा सुनकर रावण क्रोध से भर उठता है। वह कुंभकर्ण को खूब भला-बुरा कहता है। रावण के क्रोध को देखकर आखिरकार कुंभकर्ण युद्ध के लिए चला जाता है। वहां पर कुंभकर्ण की पराजय होती है और वह मारा जाता है। इसके बाद मेघनाथ युद्ध के लिए जाता है। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भयंकर युद्ध होता है। आखिर में मेघनाथ भी लक्ष्मण के हाथों वीरगति को प्राप्त हो जाता है। कुंभकर्ण व मेघनाथ के वध से रावण की सेना में हाहाकार मच जाता है। वहीं, मेघनाथ की मृत्यु का समाचार सुनकर सुलोचना व्यथित हो उठती है। वह राम के दल में अपने पति मेघनाथ का शीश मांगने के लिए जाती है। राम का अभिनय राजेश प्रजापत, रावण का शगुन मित्तल व कुंभकर्ण का राकेश सपरेटा ने किया।

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