When will the freedom of English get freedom?

अंग्रेजी की गुलामी से कब मिलेगी आजादी?

त्रिभाषा फॉमूर्ले से केन्द्रीय सरकार पीछे हट गई। कारण सर्वविदित है। दक्षिण के राज्यों में अति विरोध के स्वर सामने आये, कहीं तमिल तो कहीं कन्नड़ पर हिन्दी थोपने के आरोप लगे, आरोप लगाने वाले वही राजनीतिज्ञ थे, वही समूह थे जो अंग्रेजी की गुलामी मानसिकता के सहचर रहे हैं, अंग्रेजी की अनिवार्यता और सर्वश्रेष्ठता […]
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