एक दिन के राजा को मुखर होना होगा

एक दिन के राजा को मुखर होना होगा

आम चुनाव की सरगर्मिया उग्रत्तर होती जा रही हैं। पहले चरण का चुनाव प्रचार थम गया है। इस चुनावी मौसम में सारे ही राजनीतिक दल और राजनेता सारी लोकतांत्रिक मयार्दाएं लांघते नजर आ रहे हैं। ये चुनाव फूहड़ता, भाषाई अशिष्टता, निजी अपमान का अखाड़ा बन गये हंै। हर कोई चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते […]
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