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Thursday, February 26, 2026
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    Earthquake: फिर कांपी हरियाणा की धरती, दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके

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    Earthquake: फिर कांपी हरियाणा की धरती, दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके

    Earthquake in Delhi,Haryana: नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने कहा कि रविवार शाम 4.08 बजे हरियाणा के फरीदाबाद में 3.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें कहा गया है कि भूकंप का केंद्र फरीदाबाद से नौ किलोमीटर पूर्व और दिल्ली से 30 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में था। भूकंप से लोगों में दहशत फैल गई, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई लोगों ने फर्नीचर के जोरदार झटकों की सूचना दी। Earthquake

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    Earthquake: फिर कांपी हरियाणा की धरती, दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके

    रविवार को शाम 4 बजकर 08 मिनट पर दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों ने धरती को हिला कर रख दिया। इन झटकों से डरे सहमे लोग अपनी इमारतों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 मापी गई। हरियाणा का फरीदाबाद इस भूकंप का केंद्र रहा। बता दें कि एक तो रविवार और दूसरा नवरात्रि होने से ज्यादातर लोग घरों में ही थे। जैसे ही भूकंप से धरती कांपी तो हाईराइज सोसायटी में रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सप्ताह में दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार 5.8 तीव्रता का भूकंप सबसे तेज माना जाता है।

    भूकंप के दौरान ऐसा करने से बचें | Earthquake

    • भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
    • बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
    • कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं।
    • अगर गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें।
    • वाहन चला रहे हैं तो पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें।
    • भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं।
    • भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे आदि ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं।

    क्या होता है रिक्टर स्केल | Earthquake

    भूकंप के समय भूमि में हुई कंपन को रिक्टर स्केल या मैग्नीट्यूड कहा जाता है। रिक्टर स्केल का पूरा नाम रिक्टर परिणाम परीक्षण ( रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल ) है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर जितनी ज्यादा होती है, भूमि में उतना ही अधिक कंपन होता है। जैसे-जैसे भूकंप की तीव्रता बढ़ती है नुकसान भी ज्यादा होता है। जैसे रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता वाला भूकंप ज्यादा नुकसान करेगा। वहीं 3 या 4 की तीव्रता वाला भूकंप हल्का होगा।

    भूकंप की तीव्रता के हिसाब से क्‍या हो सकता है असर | Earthquake

    • 0 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है।
    • 2 से 2.9 की तीव्रता वाले भूकंप से सिर्फ हल्की कंपन होती है।
    • 3 से 3.9 की तीव्रता वाले भूकंप के दैरान ऐसा लगता की कोई ट्रक आपके बगल से गुजरा हो।
    • 4 से 4.9 की तीव्रता वाला भूकंप खिड़कियां तोड़ सकता हैं।
    • 5 से 5.9 की तीव्रता पर घर का सामान हिल सकता है।
    • 6 से 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप से इमारतों की नींव में दरार आ सकती है।
    • 7 से 7.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों को गिरा सकता है।
    • 8 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर बड़े पुल भी गिर सकते हैं।
    • 9 से ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप पूरी तरह से तबाही मचा सकते हैं।
    • अगर समंदर नजदीक हो तो सुनामी भी आ सकती है।

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