K.P. Unnikrishnan Passes Away: कोझिकोड। केरल की राजनीति के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री K. P. Unnikrishnan का मंगलवार को 89 वर्ष की आयु में देहावसान हो गया। उनके निधन के साथ ही तीन दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहे एक सशक्त संसदीय जीवन का अवसान हो गया। 20 सितंबर 1936 को मालाबार तट के एक प्रतिष्ठित परिवार में जन्मे उन्नीकृष्णन, ई. कुन्हीकन्नन नायर के सुपुत्र थे। उन्होंने चेन्नई स्थित Madras Christian College से उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा वहीं से विधि की उपाधि अर्जित की। सार्वजनिक जीवन में प्रवेश से पूर्व वे पत्रकारिता से भी जुड़े रहे और विभिन्न प्रकाशनों के लिए विशेष संवाददाता के रूप में लेखन किया। Kozhikode News
राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने समाजवादी विचारधारा से प्रेरित दलों के साथ की, किंतु बाद में वे Indian National Congress से संबद्ध हो गए। वर्ष 1971 में वडाकारा संसदीय क्षेत्र से पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। उन्होंने 1971, 1977, 1980, 1984, 1989 और 1991 में लगातार छह बार विजय प्राप्त कर संसदीय इतिहास में उल्लेखनीय स्थान बनाया। वडाकारा की जनता के साथ उनका गहरा संबंध रहा।
उन्होंने विभिन्न कांग्रेस धड़ों में भी कार्य किया
राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार उन्होंने विभिन्न कांग्रेस धड़ों में भी कार्य किया। 1981 से 1984 के मध्य वे संसद में कांग्रेस (धर्मनिरपेक्ष) के नेता रहे तथा 1980 से 1982 तक लोक लेखा समिति के सदस्य के रूप में दायित्व निभाया। वर्ष 1989-90 में वे V. P. Singh के मंत्रिमंडल में दूरसंचार, जहाजरानी और भूतल परिवहन मंत्री रहे। अपने कार्यकाल में उन्होंने खाड़ी युद्ध संकट के समय विदेशों में फँसे भारतीयों की वापसी में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1996 में चुनावी पराजय के पश्चात उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली और अपना समय नई दिल्ली तथा कोझिकोड जिले के पन्नियानकारा स्थित पैतृक निवास पर व्यतीत किया। वे अध्ययन और लेखन में रुचि रखते थे तथा सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को चिंतन के माध्यम से संजोते रहे। उनके निधन से केरल की राजनीतिक एवं सामाजिक जगत में शोक की लहर है। Kozhikode News















