
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती” और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।पीएम मोदी ने 21वीं सदी की महिलाओं को जागरूक और सजग बताते हुए कहा कि आज की नारी देश की हर घटना पर पैनी नजर रख रही है। उनके अनुसार महिलाएं न केवल राजनीतिक घटनाक्रम को समझ रही हैं, बल्कि नेताओं की मंशा और सच्चाई को भी भलीभांति पहचान रही हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह जागरूकता आने वाले समय में राजनीतिक फैसलों को भी प्रभावित करेगी। PM Narendra Modi Speech
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों—जैसे Indian National Congress, Dravida Munnetra Kazhagam, Trinamool Congress और Samajwadi Party—पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिला हितों से जुड़े प्रस्ताव का विरोध करके स्वार्थी राजनीति का परिचय दिया। पीएम के अनुसार, इन दलों के लिए देशहित से ज्यादा दलहित अहम हो गया है, जिसका खामियाजा देश की महिलाओं को उठाना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि जब संसद में महिलाओं के हित में लाया गया प्रस्ताव पारित नहीं हो सका, तब विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया निराशाजनक थी। पीएम मोदी के मुताबिक, इस घटना ने देशभर की करोड़ों महिलाओं को आहत किया है, जो संसद की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए थीं। प्रधानमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विरोध करने वाले दलों को जनता, खासकर महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उनके शब्दों में, यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि नारी सम्मान और अधिकारों का प्रश्न है, जिसे देश की महिलाएं गंभीरता से ले रही हैं। PM Narendra Modi Speech














