Vegetable Farming: अगस्त की बारिश और सब्जियों पर कीटों का खतरा, किसान इन उपायों से बचाएं फसल

अगस्त माह में लगातार वर्षा और वातावरण में बढ़ी नमी सब्जी उत्पादक किसानों के लिए नई चुनौती

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अगस्त माह में लगातार वर्षा और वातावरण में बढ़ी नमी सब्जी उत्पादक किसानों के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकती है। टमाटर, मिर्च, बैंगन सहित कई सब्जी फसलों में इस मौसम के दौरान रस चूसने वाले कीटों की सक्रियता बढ़ने की संभावना रहती है। माहू, सफेद मक्खी और थ्रिप्स जैसे कीट पौधों की पत्तियों से रस चूसकर उनकी बढ़वार और उत्पादन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। Vegetable Farming

कीटों का प्रकोप बढ़ने पर पत्तियों का रंग पीला पड़ सकता है, पौधों की वृद्धि रुक सकती है और फलियों या फलों की गुणवत्ता एवं उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसानों के लिए जरूरी है कि वे फसल में कीटों की पहचान शुरुआती अवस्था में ही करें और स्थिति के अनुसार उचित नियंत्रण उपाय अपनाएं।

किसानों को सप्ताह में कम से कम दो बार खेत का निरीक्षण करना चाहिए। पौधों की नई पत्तियों, कोमल भागों और पत्तियों की निचली सतह को विशेष रूप से देखना चाहिए। शुरुआत में ही कीटों की उपस्थिति का पता चल जाने पर कम लागत में नियंत्रण करना आसान हो जाता है। उड़ने वाले कीटों की निगरानी के लिए खेत में पीले और नीले चिपचिपे जाल लगाए जा सकते हैं। इनके माध्यम से कीटों की गतिविधि का अनुमान लगाने में सहायता मिलती है और समय रहते नियंत्रण की योजना बनाई जा सकती है। Vegetable Farming

संक्रमित पत्तियों को खेत से हटाएं

जिन पत्तियों पर कीटों का अधिक प्रकोप दिखाई दे, उन्हें सावधानीपूर्वक तोड़कर खेत से बाहर नष्ट करना चाहिए। इससे संक्रमण को अन्य स्वस्थ पौधों तक फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है। खेत में अनावश्यक रूप से अत्यधिक सिंचाई या ऐसी परिस्थितियां बनाने से भी बचना चाहिए, जिनसे लंबे समय तक अत्यधिक नमी बनी रहे। उचित जल निकास बनाए रखना भी सब्जी फसलों के लिए महत्वपूर्ण है।

पौध संरक्षण में यथासंभव जैविक और समेकित उपायों को प्राथमिकता देना उपयोगी रहता है। खेत में मौजूद प्राकृतिक शत्रु कीटों और मित्र कीटों का संरक्षण किया जाना चाहिए, क्योंकि ये कई हानिकारक कीटों की संख्या नियंत्रित करने में प्राकृतिक भूमिका निभाते हैं। बिना आवश्यकता कीटनाशकों का छिड़काव करने से उत्पादन लागत बढ़ सकती है और लाभकारी कीटों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसी भी रासायनिक दवा का उपयोग फसल की स्थिति और कीटों की संख्या को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए। Vegetable Farming

कीटनाशक के प्रयोग में रखें सावधानी

यदि कीटों की संख्या आर्थिक क्षति स्तर तक पहुंचती है और रासायनिक नियंत्रण आवश्यक हो, तो केवल अनुशंसित कीटनाशक का ही प्रयोग करें। दवा की मात्रा और छिड़काव विधि के लिए उत्पाद के लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। छिड़काव सामान्यतः सुबह या शाम के समय करना अधिक उपयुक्त रहता है। वर्षा के तुरंत बाद दवा का छिड़काव करने से बचना चाहिए, क्योंकि बारिश होने पर दवा का प्रभाव कम हो सकता है।

कीट नियंत्रण के लिए लगातार एक ही रसायन का प्रयोग करने से कीटों में उस दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार अलग-अलग प्रभावकारी समूहों की अनुशंसित दवाओं का उचित क्रम में उपयोग करना चाहिए।

किसानों के लिए जरूरी पौध संरक्षण उपाय

  • सप्ताह में कम से कम दो बार फसल का निरीक्षण करें।
  • पत्तियों और पौधों के कोमल हिस्सों पर कीटों की मौजूदगी जांचें।
  • पीले और नीले चिपचिपे जाल लगाकर उड़ने वाले कीटों की निगरानी करें।
  • अधिक संक्रमित पत्तियों को हटाकर सुरक्षित तरीके से नष्ट करें।
  • प्राकृतिक शत्रु एवं मित्र कीटों को बचाने का प्रयास करें।
  • आवश्यकता के अनुसार ही कीटनाशकों का प्रयोग करें।
  • दवा की मात्रा और उपयोग की विधि के लिए लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें।
  • वर्षा के तुरंत बाद रासायनिक छिड़काव न करें।
  • कीट नियंत्रण के लिए एक ही दवा का लगातार प्रयोग करने से बचें।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगस्त की नमी वाले मौसम में सब्जी फसलों की नियमित निगरानी ही बचाव का पहला कदम है। किसान यदि प्रारंभिक अवस्था में कीटों की पहचान कर लें और जैविक उपायों, निगरानी जाल तथा आवश्यकतानुसार अनुशंसित पौध संरक्षण उपायों को अपनाएं, तो फसल को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। Vegetable Farming

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