Apartheid

हमने रंगों को भी बेरंग कर दिया

हम काले हैं, तो क्या हुआ, दिलवाले हैं…’ मोहम्मद रफी का ये गाना सुनने में तो हमें बहुत अच्छा लगता है, लेकिन जब यही गाना हमारे समाज की सच्चाई से हमें रुबरु कराता है, तो हम इसे सुनकर भी अनसुना कर देते हैं। समाज की तमाम कुरीतियों और भेदभाव पर तो चर्चा हो जाती है, […]
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