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राजकोषीय घाटा पहली तिमाही में बजट अनुमान के 18.15 प्रतिशत पर
राजकोषीय घाटा पहली तिमाही में बजट अनुमान के 18.15 प्रतिशत पर
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के अनुमान के 18 प्रतिशत से अधिक रहा है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को सरकार के आय-व्यय का मासिक लेखा-जोखा जारी किया। इसमें बताया गया है कि अप्रैल से जून के दौरान सरकार का कुल व्यय 13,57,076 करोड़ रुपये रहा जो बजट अनुमान का 25.4 प्रतिशत है। इसी अवधि में कुल आमदनी 10,49,243 करोड़ रुपये रहे जो प्राप्तियों के बजट अनुमान का 28.7 प्रतिशत है। इस प्रकार, राजकोषीय घाटा 3,07,833 करोड़ रुपये रहा। यह बजट अनुमान का 18.15 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राजकोषीय घाटे का अनुमान 16,95,768 करोड़ रुपये रखा गया था।
मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि तिमाही के दौरान कुल 10,49,243 करोड़ रुपये की प्राप्तियों में 6,36,576 करोड़ रुपये कर राजस्व (केंद्र को शुद्ध प्राप्त), 3,77,664 करोड़ रुपये गैर-कर राजस्व और 35,003 करोड़ रुपये गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। इस अवधि के दौरान केंद्र द्वारा करों के हिस्से के हस्तांतरण के रूप में राज्य सरकारों को 2,63,336 करोड़ रुपये दिये गये हैं। यह पिछले साल की पहली तिमाही की तुलना में 63,605 करोड़ रुपये कम है। कुल 13,57,076 करोड़ रुपये के व्यय में से 10,16,818 करोड़ रुपये राजस्व खाते पर और 3,40,258 करोड़ रुपये पूंजीगत खाते पर व्यय हुए हैं। कुल राजस्व व्यय में से 3,46,414 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के लिए और 1,14,812 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडी के मद में हैं।