चौथे दिन भी विस में भारी हंगामा, कांग्रेस के दो कार्यस्थगन प्रस्ताव स्पीकर ने किए खारिज

प्रताप बाजवा ने लगाया आरोप, स्पीकर कुलतार संधवां हो चुके हैं पक्षपाती

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चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: पंजाब विधानसभा के चौथे दिन सदन के भीतर और बाहर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान कुछ कांग्रेस विधायकों के घायल होने की स्थिति भी बन गई। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि उनकी पगड़ी तक को हाथ लगाया गया और उनकी पार्टी के विधायकों के साथ पुलिस ने जबरदस्ती की, जो सीधे तौर पर गुंडागर्दी है। प्रताप सिंह बाजवा ने सदन के भीतर यह मामला उठाते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से कार्रवाई की माँग की। इस पर स्पीकर ने मामले की जाँच कराने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही प्रताप सिंह बाजवा ने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से पूछा कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उनके द्वारा भेजे गए दो कार्यस्थगन प्रस्तावों पर क्या निर्णय लिया गया है। 

इस पर स्पीकर ने सभी विधायकों से अपनी-अपनी सीटों पर बैठने को कहा और बताया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद इस संबंध में जानकारी दी जाएगी, क्योंकि प्रश्नकाल का समय व्यर्थ हो रहा है। इसके बाद कांग्रेस विधायक आक्रोशित हो गए और सदन की वेल में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने उन्हें बार-बार बैठने के लिए कहा, लेकिन कांग्रेस विधायक इस बात पर अड़े रहे कि उनके दोनों कार्यस्थगन प्रस्तावों के बारे में जानकारी दी जाए। इसके बाद स्पीकर ने बताया कि कांग्रेस विधायकों द्वारा दिए गए दोनों कार्यस्थगन प्रस्ताव खारिज कर दिए गए हैं। यह सुनते ही कांग्रेस विधायकों ने जोरदार हंगामा किया और सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया।

कांग्रेस विधायकों के साथ सदन के बाहर दो बार हुई धक्का-मुक्की, मुख्य द्वार का शीशा भी टूटा

सदन से बाहर आने के बाद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस विधायक जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और किसी भी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे बैनर और पोस्टर लेकर विधानसभा में प्रवेश कर रहे थे, तब उनके हाथों से बैनर और पोस्टर छीनने की कोशिश की गई तथा कांग्रेस विधायकों के साथ धक्का-मुक्की भी की गई। उन्होंने कहा कि इस धक्का-मुक्की के दौरान एक-दो विधायक घायल होने से बाल-बाल बचे और विधानसभा के मुख्य द्वार पर लगा शीशा भी टूट गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में भी स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाजवा ने कहा कि स्पीकर कुलतार सिंह संधवां अब पूरी तरह पक्षपाती हो चुके हैं और विपक्ष को अपनी बात रखने तक का समय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों से सत्तारूढ़ दल लगातार अपने प्रस्ताव सदन में पेश कर रहा है, जबकि पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने के लिए विपक्ष द्वारा भेजे जा रहे कार्यस्थगन प्रस्ताव लगातार खारिज किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर कुलतार सिंह संधवां सदन में निष्पक्ष अध्यक्ष के बजाय एक राजनीतिक दल के नेता की तरह कार्य कर रहे हैं।

Punjab Legislative Assembly

 

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