बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में पूरी तरह सफल रहा ‘पंजाब बंद’, बाजार रहे बंद
सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सफाई कर्मचारी यूनियनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का वीरवार को राज्य के कई हिस्सों में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के दौरान कई शहरों में बाजार, दुकानें और व्यापारिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे, जबकि सफाई कर्मचारियों और सहयोगी संगठनों की ओर से विभिन्न स्थानों पर रोष प्रदर्शन और रैलियाँ की गर्इं। पंजाब भर में इस तरह के बंद को इससे पहले शायद ही इतना व्यापक समर्थन मिला हो।
पंजाब बंद के आह्वान के चलते लुधियाना, बठिंडा, होशियारपुर, फाजिल्का, कपूरथला, अमृतसर, पटियाला, पठानकोट, मोगा, रूपनगर, फरीदकोट और गुरदासपुर सहित कई जिलों में लगभग सभी बाजार बंद रहे और आम लोगों को जरूरत का सामान तक नहीं मिल सका। कई स्थानों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बाजार बंद रहे। इसके बाद बाजार खोलने की अनुमति दी गई। जानकारी के अनुसार, 22 जुलाई को बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर स्थानीय पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा लाठीचार्ज किया गया था, जिसके चलते कई सफाई कर्मचारी घायल हुए और कई के सिर पर गंभीर चोटें आईं। एक महिला सफाई कर्मचारी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके बाद पंजाब भर में इस मामले की निंदा करते हुए सफाई कर्मचारियों की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की जा रही थी।
पंजाब बंद के दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रदर्शनकारी नेताओं ने माँग की कि बरनाला में लाठीचार्ज की कार्रवाई में कथित रूप से शामिल डीएसपी सतबीर सिंह बैंस और इंस्पेक्टर लखविन्द्र सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने माँग की कि दोनों अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 307 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। यूनियन नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
पठानकोट में निगम कार्यालय को लगाया ताला
पठानकोट में सफाई कर्मचारियों की ओर से नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने निगम कार्यालय को ताला लगा दिया और रोष रैली निकाली। इस दौरान बंद समर्थकों की ओर से कई दुकानों को भी बंद करवाया गया। होशियारपुर में भी प्रदर्शनकारियों ने मिनी सचिवालय की ओर रुख किया, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार से लाठीचार्ज मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की।