Sawan Ki Baarish: सावन की पहली झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना
बारिश से तालाब बनी डिंग मंडी, सड़क पर थमा जनजीवन
रानियां/खारियां/सरसा (सच कहूँ/राजेंद्र गाबा/सुनील कुमार)। Monsoon Rain: सावन के आगमन के साथ ही मानसून ने रानियां क्षेत्र में जोरदार दस्तक दी। वीरवार दोपहर करीब एक बजे के बाद रानियां शहर सहित आसपास के नानुआना, मंगालिया, खारियां, भुन्ना, चक्कां, घोड़ांवाली, गिंदड़ां, कुस्सर, सादेवाला, ढुडियांवाली, मोहम्मदपुरिया, केहरवाला, ओटू और अभोली समेत अनेक गांवों में झमाझम बारिश हुई। करीब 70 से 80 एमएम वर्षा ने उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत दिलाई तो किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान लौटा दी। इससे पहले बुधवार को भी रानियां शहर को छोड़ अधिकांश गांवों में अच्छी बारिश हुई थी। लगातार हुई बारिश से धान, नरमा, कपास, ग्वार, बाजरा और मूंग जैसी खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और फसलों की बढ़वार को भी गति मिलेगी।
कई जगह खेत पानी से लबालब भर गए, जिसे किसान अच्छी पैदावार के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं। बारिश के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। पशुपालकों ने भी इसे राहतभरी बारिश बताया, वहीं पशु-पक्षियों को भी तपिश से राहत मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे और युवा बारिश का आनंद लेते नजर आए। किसानों का कहना है कि सावन की पहली अच्छी बरसात खरीफ फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होती। यदि आने वाले दिनों में भी मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद और मजबूत होगी।
बारिश से तालाब बनी डिंग मंडी, सड़क पर थमा जनजीवन
सरसा। वीरवार को हुई बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई, वहीं डिंग मंडी में एक बार फिर बदहाल जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। हल्की बारिश के बाद ही रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य सड़क पर पानी भर गया। सड़क तालाब में तब्दील होने से राहगीरों, दुकानदारों और आसपास के गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जबकि दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना भी मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि डिंग मंडी में हर बारिश के साथ यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
डिंग के सरपंच प्रतिनिधि दरिया सिंह पचार ने बताया कि बारिश के दौरान रेलवे अंडरब्रिज में पानी भर जाने से रेलवे लाइन के दोनों ओर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। इससे डिंग मंडी ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को भी लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में उन्हें इसी परेशानी से जूझना पड़ता है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि डिंग मंडी की जलनिकासी व्यवस्था में जल्द सुधार कराया जाए और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि लोगों को वर्षों पुरानी समस्या से स्थायी राहत मिल सके।