इमामबाड़ा कलां व खुर्द में अशरा-ए-मजलिस का शुभारंभ, कर्बला के शहीदों को किया याद
कैराना में अशरा-ए-मजलिस का आयोजन
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: कस्बे के प्राचीन इमामबाड़ा कलां व खुर्द में शहीद-ए-कर्बला की याद में 13 सफर-उल-मुज़फ्फर से अशरा-ए-मजलिस का आयोजन शुरू हो गया है। मजलिस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होकर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। मजलिस को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध धर्मगुरु मौलाना रईसुल हसन ने अहले बैत और इमामों के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्बला का संदेश सत्य, सब्र, इंसाफ और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों का बलिदान पूरी इंसानियत के लिए मिसाल है।
इसके बाद मौलाना मोहम्मद मियां मुजफ्फरनगरी ने कर्बला के कैदियों पर हुए अत्याचार और अहले बैत की कुर्बानियों का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कर्बला केवल शोक का विषय नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और इंसानियत का संदेश देने की सीख भी है। मजलिस के अंत में अलम मुबारक और जरीह की जियारत कराई गई। इस दौरान देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं। बाद में प्रसिद्ध नौहाख्वां कुर्रतुल ऐन मेहदी ने अपने साथियों के साथ नौहाख्वानी पेश की, जिसे सुनकर माहौल गमगीन हो गया। आयोजकों ने बताया कि अशरा-ए-मजलिस का यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।
10.jpg)