Table Tennis India: बड़ी बहन की प्रेरणा, खुद की मेहनत व जुनून से रचा श्रीजा अकुला ने सफलता का नया इतिहास
टेबल टेनिस के चमकते सितारे ने जीता डब्ल्यूटीटी कंटेंडर का खिताब
Commonwealth Games 2026: नई दिल्ली। भारतीय टेबल टेनिस की नई पीढ़ी में श्रीजा अकुला का नाम तेजी से उभरते सितारों में शामिल है। अपने दमदार खेल, निरंतर मेहनत और शानदार उपलब्धियों के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत पहचान बनाई है। कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर विश्व टेबल टेनिस (डब्ल्यूटीटी) प्रतियोगिताओं तक उनके प्रदर्शन ने भारतीय खेल जगत को कई यादगार पल दिए हैं। Table Tennis India
31 जुलाई 1998 को हैदराबाद में जन्मीं श्रीजा अकुला को खेल की पहली प्रेरणा अपने परिवार से मिली। उनकी बड़ी बहन कॉलेज स्तर पर टेबल टेनिस खेलती थीं, जिनके साथ अभ्यास करते-करते श्रीजा की इस खेल में रुचि बढ़ी। बाद में उन्होंने पेशेवर प्रशिक्षण लेकर अपने खेल को नई दिशा दी और कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनानी शुरू कर दी।
खेल के साथ-साथ श्रीजा ने पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। स्कूल शिक्षा के दौरान उन्होंने शानदार अंक हासिल किए, लेकिन उनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना था। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने टेबल टेनिस को अपना करियर बनाया।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार सफलता ने श्रीजा को भारतीय टीम का अहम हिस्सा बना दिया। दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जबकि राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी एकल और युगल दोनों वर्गों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। Table Tennis India
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 उनके करियर का सबसे यादगार पड़ाव साबित हुआ। अनुभवी खिलाड़ी शरथ कमल के साथ मिश्रित युगल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारत को बड़ी सफलता दिलाई। इस जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान और मजबूत हुई।
साल 2024 में श्रीजा ने विश्व टेबल टेनिस प्रतियोगिताओं में भी नया इतिहास रचा। उन्होंने पहले डब्ल्यूटीटी फीडर प्रतियोगिता में एकल खिताब अपने नाम किया और बाद में डब्ल्यूटीटी कंटेंडर स्तर की प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। इसी दौरान महिला युगल वर्ग में भी उन्होंने खिताब जीतकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
भारतीय टेबल टेनिस में उनके उल्लेखनीय योगदान और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। श्रीजा अकुला आज देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं और उनसे भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है। Table Tennis India