कैराना पलायन का जिम्मेदार कुख्यात फुरकान एनकाउंटर में ढेर

कैराना के मोहल्ला आर्यपुरी का रहने वाला था मुठभेड़ में मारा गया फुरकान, एडीजी मेरठ की ओर से घोषित किया गया था एक लाख रुपये का इनाम

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कैराना (सच कहूँ/संदीप इन्सां)। Kairana News: कैराना में हिंदू व्यापारियों के पलायन के जिम्मेदार रहे कुख्यात बदमाश फुरकान को गांव रंगाना के जंगल में झिंझाना व बाबरी पुलिस एवं स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से की गई कार्यवाही के दौरान एनकाउंटर में ढेर कर दिया। मुठभेड़ में एक मुख्य आरक्षी गोली लगने से घायल हुआ है, जबकि झिंझाना व बाबरी थानाध्यक्ष एवं स्वाट टीम प्रभारी की बुलेट प्रूफ जैकेट में भी बदमाशों की गोली लगी है। मारे गए बदमाश फुरकान पर एडीजी मेरठ की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। एनकांउटर में ढेर हुए बदमाश के कब्जे से पुलिस ने 09 एमएम की कार्बाइन, एक पिस्टल, 29 जिंदा व खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की एक स्पलेंडर बाइक एवं 9600 रुपये की नकदी बरामद की है।

एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशानुसार लूट, डकैती एवं नकबजनी की घटनाओं की रोकथाम हेतु बुधवार को पुलिस के द्वारा जनपद में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान झिंझाना थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह कसाना को सूचना प्राप्त हुई कि जिले का कुख्यात अपराधी फुरकान अपने एक साथी के साथ क्षेत्र के गांव रंगाना के निकट स्थित एक पॉल्ट्री फार्म पर रुका हुआ है। वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना से स्वाट टीम प्रभारी राहुल सिसोदिया एवं थानाध्यक्ष बाबरी कुलदीप सिंह को भी अवगत कराया गया, जिसके उपरान्त संयुक्त पुलिस टीमों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से क्षेत्र की घेराबंदी की गई।

स्वयं को घिरता देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में एक लाख रुपये का अंतर्राज्यीय पुरस्कार घोषित, वांछित, गैंग लीडर एवं हिस्ट्रीशीटर अपराधी फुरकान निवासी मोहल्ला आर्यपुरी कस्बा कैराना घायल हो गया, जिसे उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊन ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बदमाशों की फायरिंग में स्वाट टीम का हेड कांस्टेबल हरविंदर गोली लगने से घायल हो गया, जिसका उपचार चल रहा है। वहीं, झिंझाना थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कसाना व बाबरी थानाध्यक्ष कुलदीप सिंह एवं स्वाट टीम प्रभारी राहुल सिसोदिया पर भी बदमाशों के द्वारा फायरिंग की गई, परन्तु बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण तीनों अधिकारी सुरक्षित रहे।

तीनों अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगी हैं। मृतक बदमाश फुरकान के कब्जे से 09 एमएम की एक कार्बाइन व पिस्टल, 19 जिंदा कारतूस, 10 खोखा कारतूस, 9,600 रुपये की नकदी तथा बिना नंबर प्लेट की एक स्पलेंडर बाइक बरामद हुई है। मृतक बदमाश का एक साथी गन्ने के खेत से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस टीम कांबिंग कर रही है।

लूट, डकैती, हत्या, रंगदारी व मादक पदार्थ तस्करी समेत 24 मुकदमें दर्ज

एनकाउंटर में ढेर हुए बदमाश फुरकान के विरुद्ध जनपद शामली, सहारनपुर एवं बागपत में लूट, डकैती, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी एवं मादक पदार्थ तस्करी(एनडीपीएस) समेत कुल 24 अभियोग पंजीकृत है। वह कैराना कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर बदमाश था, जिसका हिस्ट्रीशीट संख्या-290-A है। फुरकान के खिलाफ कैराना पुलिस के द्वारा वर्ष-2015 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की गई थी, जिसमें उसे गैंग लीडर बनाया गया था। कैराना कोतवाली पुलिस के रिकॉर्ड में फुरकान का गैंग लीडर संख्या-डी-8/2015 है। वह कैराना कोतवाली से लूट तथा कांधला से पुलिस मुठभेड़ के दो मामलों में वांछित चल रहा था।

रंगदारी न देने पर सरेआम कर दी थी किरयाना व्यापारी की हत्या

पुलिस मुठभेड़ में मारा गया फुरकान एक कुख्यात, दुर्दांत व आतंक का पर्याय बन चुका अपराधी था। व्यापारियों से रंगदारी की मांग करना, जान से मारने की धमकी देना तथा क्षेत्र में भय एवं आतंक का वातावरण बनाए रखना उसकी आपराधिक गतिविधियों का प्रमुख हिस्सा रहा है। 16 अगस्त 2014 को फुरकान ने रंगदारी की मांग पूरी न करने पर कैराना के किरयाना व्यापारी विनोद सिंघल की सरेबाजार गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के विरोध में कस्बे के बाजार कई दिनों तक बंद रहे थे।

फुरकान पर कैराना के कई व्यापारियों से गुपचुप तरीके से रंगदारी वसूलने के भी आरोप थे। फुरकान ने गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर क्षेत्र में अपना आतंक स्थापित कर रखा था। उसकी निरंतर आपराधिक गतिविधियों एवं भय के वातावरण के कारण स्थानीय व्यापारियों एवं आमजन में असुरक्षा की भावना व्याप्त हो गई थी, जिसके चलते अनेक व्यापारी अपने परिवार की सुरक्षा के दृष्टिगत क्षेत्र से पलायन कर गए थे। फुरकान जिले के कुख्यात अपराधियों में शामिल था।

तत्कालीन एसएचओ राजेन्द्र नागर ने मादक पदार्थ के साथ किया था गिरफ्तार

फुरकान को 25 फरवरी 2019 को तत्कालीन कैराना एसएचओ राजेन्द्र कुमार नागर ने मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। पुलिस को उस वक्त फुरकान से 13 किलोग्राम मादक पदार्थ डोडा-पोस्त बरामद हुआ था। बाद में इसी मामले में कैराना स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(एफटीसी) की अदालत ने 13 जनवरी 2022 को फुरकान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। वर्तमान में वह उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जमानत पर था।

मृतक व्यापारी विनोद सिंघल के परिवार से मिले थे सीएम योगी

16 अगस्त 2014 में फुरकान ने रंगदारी न देने पर कस्बे के किरयाना व्यापारी विनोद सिंघल की गोलियां बरसाकर निर्मम हत्या कर दी थी। मार्च 2017 में कैराना के सर्राफा व्यापारी रामअवतार वर्मा से रंगदारी मांगने के मामले में फुरकान के खिलाफ कैराना कोतवाली पर रिपोर्ट कराई गई थी। इसके बाद, पुलिस ने अप्रैल 2017 में मुठभेड़ के दौरान फुरकान को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना भ्रमण के दौरान मृतक व्यापारी विनोद सिंघल के परिवार से भी मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया था।

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