Snake Monsoon safety: मानसून में बढ़ जाता है सांपों का खतरा! जानिए बारिश के दौरान कौन-से सांप पहुंच सकते हैं घर के आसपास और कैसे करें बचाव

मानसून में बढ़ जाता है सांपों का खतरा! जानिए बारिश के दौरान कौन-से सांप पहुंच सकते हैं घर के आसपास और कैसे करें बचाव

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Snake Monsoon safety: नई दिल्ली: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह सांपों की गतिविधियां भी बढ़ा देता है। तेज बारिश के बाद खेतों, झाड़ियों और बिलों में पानी भर जाने से सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में बाहर निकल आते हैं। इसी दौरान चूहे, मेंढक और अन्य छोटे जीव भी घरों के आसपास पहुंचने लगते हैं, जिनका शिकार करने के लिए सांप भी आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर सकते हैं। यही कारण है कि मानसून में घर, स्टोर रूम, सीढ़ियों के नीचे, बगीचे, गैराज और नालियों के आसपास सांप दिखाई देने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

बारिश में ये सांप घर के आसपास आ सकते हैं

1. कॉमन करैत

मानसून के दौरान कॉमन करैत से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। यह भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक है और मुख्य रूप से रात के समय सक्रिय रहता है। यह अंधेरी, शांत और कम आवाजाही वाली जगहों में छिप सकता है तथा चूहों की तलाश में घरों के आसपास पहुंच जाता है।

करैत के काटने की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआत में दर्द बहुत कम या बिल्कुल महसूस नहीं होता। लेकिन इसका जहर नर्वस सिस्टम पर तेजी से असर डालता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, मांसपेशियों में कमजोरी और गंभीर स्थिति में लकवा जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए रात में बिना रोशनी के घर के अंधेरे हिस्सों में जाने से बचें।

2. इंडियन कोबरा

इंडियन कोबरा भी बारिश के मौसम में अपने प्राकृतिक ठिकानों में पानी भर जाने के कारण सूखी जगहों की तलाश में निकल सकता है। यह खेतों, बगीचों, खुले मैदानों और रिहायशी इलाकों के आसपास भी देखा जा सकता है।

कोबरा का जहर भी नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है और समय पर इलाज न मिलने पर सांस लेने में गंभीर परेशानी हो सकती है। यदि घर के आसपास चूहों की संख्या अधिक है तो कोबरा सहित अन्य सांपों के आने की संभावना भी बढ़ जाती है।

3. रसेल वाइपर

रसेल वाइपर आमतौर पर खेतों और घास वाले इलाकों में पाया जाता है। इसकी पहचान मोटे शरीर और पीठ पर बने गहरे अंडाकार निशानों से की जा सकती है

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