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बोलीविया ने स्पेन से प्राप्त की स्वतंत्रता
बोलीविया ने स्पेन से प्राप्त की स्वतंत्रता
अगस्त 1825 को बोलीविया ने स्पेन से स्वतंत्रता प्राप्त की। इससे पहले बोलीविया लगभग तीन सौ वर्षों तक स्पेन का उपनिवेश था। उस समय इस क्षेत्र को "अल्टो पेरू" के नाम से जाना जाता था। स्वतंत्रता के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया गया। इस आंदोलन में अनेक देशभक्तों ने अपना योगदान दिया। स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता सिमोन बोलीवार का विशेष योगदान रहा। उनके सम्मान में देश का नाम बोलीविया रखा गया। स्वतंत्रता आंदोलन में एंटोनियो जोस दे सूक्रे की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
कई वर्षों तक स्पेनिश शासन के विरुद्ध लड़ाइयाँ लड़ी गईं। अंतत: 6 अगस्त 1825 को स्वतंत्रता की घोषणा की गई। इस दिन बोलीविया एक स्वतंत्र राष्ट्र बना। स्वतंत्रता के बाद देश ने अपना संविधान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की स्थापना का प्रयास किया गया। स्वतंत्रता ने देशवासियों में नए उत्साह का संचार किया। लोगों को अपने भविष्य का निर्णय स्वयं लेने का अधिकार मिला। यह घटना दक्षिण अमेरिका के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे अन्य देशों के स्वतंत्रता आंदोलनों को भी प्रेरणा मिली। आज बोलीविया एक संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र है। इसकी संवैधानिक राजधानी सुक्रे है। जबकि ला पाज सरकार का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र है। बोलीविया प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश माना जाता है। यहाँ की संस्कृति विविध और ऐतिहासिक विरासत से भरपूर है। प्रत्येक वर्ष 6 अगस्त को बोलीविया अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है।