चीन का तालिबान से प्रेम: आपातकालीन मानवीय सहायता सामग्री अफगानिस्तान को सौंपी

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China's love for Taliban sachkahoon

काबुल (एजेंसी)। चीन ने आपातकालीन मानवीय सहायता सामग्री की एक खेप अफगानिस्तान को सौंप दी है। चीन द्वारा दान में दी गयी मानवीय सहायता सामग्री की एक खेप बुधवार रात काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पहुंची, जहां पर अफगानिस्तान में चीन के राजदूत वांग यू ने एक समारोह के दौरान इन सामग्रियों को अफगानिस्तान के शरणार्थी मामलों के कार्यवाहक मंत्री खलील-उर-रहमान हक्कानी को सौंपा।

इस दौरान वांग ने कहा कि कई कठिनाइयों के बीच चीन कम समय में अफगानिस्तान के लिए आपातकालीन मानवीय सहायता सामग्री की व्यवस्था करने में कामयाब रहा, जिनमें कंबल, सर्दियों में इस्तेमाल किये जाने वाले जैकेट और अन्य सामग्रियां शामिल हैं, जिसकी अफगानिस्तान के लोगों को तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चीन अफगानिस्तान को खाद्य पदार्थ सहित अन्य सहायता सामग्री प्रदान करता रहेगा। वहीं हक्कानी ने इस समय कठिनाइयों का सामना कर रहे अफगानिस्तान के लोगों के हेतु आपातकालीन आपूर्ति प्रदान करने के लिए चीन को धन्यवाद दिया।

क्या है मामला:

उल्लेखनीय है कि आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अफगानिस्तान में संघर्ष के कारण इस साल की शुरूआत से अब तक 6,34,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं 2012 से अब तक लगभग 55 लाख लोगों ने पलायन किया है।

तालिबान ने भारत से वाणिज्यिक विमान सेवा बहाल करन का किया आग्रह

तालिबान के तहत अफगानिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक यात्री उड़ानों की सुविधा के लिए भारतीय विमानन नियामक महानिदेशालय (डीजीसीए) से अनुरोध किया है। डीजीसीए को लिखे पत्र में, अफगान नागरिक प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि उसके राष्ट्रीय वाहक एरियाना अफगान एयरलाइन और काम एयर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते के अनुरूप उड़ानें संचालित करने के इच्छुक हैं।

अफगानिस्तान के कार्यवाहक नागरिक उड्डयन और परिवहन मंत्री अल्हज हमीदुल्ला अखुंदजादा ने लिखा, ‘इस पत्र का इरादा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन और हमारे राष्ट्रीय वाहक (एरियाना अफगान एयरलाइन और काम एयर) के आधार पर दो देशों के बीच सुगम यात्री आवाजाही को बनाए रखना है, जिसका उद्देश्य उनकी निर्धारित उड़ानें शुरू करना है। इसलिए, अफगानिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण आपसे अनुरोध करता है कि आप अपनी वाणिज्यिक उडानों की सुविधा प्रदान करें।

गौरतलब है कि 15 अगस्त को तालिबानी लड़ाकों द्वारा काबुल पर कब्जा करने के बाद भारत ने अफगानिस्तान से आने-जाने वाली वाणिज्यिक उड़ानें रोक दीं। राष्ट्रीय वाहक एयर इंडिया ने अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दीं क्योंकि तालिबान ने राजधानी शहर पर कब्जा कर लिया था।

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