भूकंप के झटकों से कांपे रूस के कुरील द्वीप

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युज्नो-सखालिंस्क (एजेंसी)। रूस के कुरील द्वीप समूह क्षेत्र में मंगलवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। सखालिंस्क भूकंपीय स्टेशन की प्रमुख एलेना सेमेनोवा ने मंगलवार को यहां बताया कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.8 मापी गई है। सुश्री सेमेनोवा ने बताया कि आज सुबह आए भूकंप का केन्द्र सिमुशीर द्वीप के दक्षिण में 11 किलोमीटर दूर 59 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। उन्होंने कहा कि सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेटे हैं, जो निरंतर घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेटें ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन कहते हैं। बार-बार टकराने से प्लेटों के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेटें टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती है और हलचल के बाद भूकंप आता है।

कौन सा होता है भूंकप का केंद्र?

भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी. के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता?

भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

कितनी तबाही लाता है भूकंप?
रिक्टर स्केल असर
0 से 1.9                                  सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
2 से 2.9                                  हल्का कंपन
3 से 3.9                                  कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर
4 से 4.9                                  खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
5 से 5.9                                  फर्नीचर हिल सकता है।
6 से 6.9                                  इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
7 से 7.9                                  इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
8 से 8.9                                  इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं। सुनामी का खतरा।
9 और उससे ज्यादा                       पूरी तबाही, कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर                                                 नजदीक हो तो सुनामी।

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