Editoral

संपादकीय : सभ्य होना है तो प्रकृति के साथी बनो

आज पर्यावरण का सवाल इसलिए अहम है, क्योंकि पृथ्वी की चिंता किसी को नहीं है। हालात की भयावहता की ओर किसी का ध्यान नहीं है। (Environment Day) राजनीतिक दलों से तो उम्मीद करना ही बेमानी है, क्योंकि पृथ्वी और पर्यावरण उनके वोट बैंक नहीं हैं। पृथ्वी और पर्यावरण आज जिस स्थिति में हैं, उसके लिए […]
विचार 

जनता पर भारी पड़ रही नेताओं की लापरवाही

राजनेताओं की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है, इसकी एक मिसाल सामने आई है। पश्चिम बंगाल, असम सहित पांच राज्यों में नेताओं ने जमकर कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाई और अब इन्हीं राज्यों में कोरोना बेकाबू हो गया है। रोजाना संक्रमित मरीजों की गिनती बढ़ रही है। विडंबना यह है कि यहां रैलियां उस […]
सम्पादकीय 

पाक-भारत के बीच बनती बिगड़ती पेचीदा-स्थितियां

पाकिस्तान की नई सरकार भारत के साथ इतनी दोस्ताना हो रही है कि पंजाब में सिक्खों द्वारा पाकिस्तान स्थित गुरूद्वारों में दर्शनों के लिए रास्ता मांगे जाने पर बिना वीजा प्रवेश देने का प्रस्ताव कर चुकी है। पिछले दिनों पाकिस्तान गए पंजाब के नेता सिद्धू की पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से गले […]
सम्पादकीय