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    डब्लूएचओ ने भारत में बिक रही नकली दवाओं पर लिया संज्ञान, भारत सरकार को किया अलर्ट

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    चिंतनीय, दुनिया के 20 फीसदी कैंसर मरीज अकेले भारत में | Hisar News

    • बीमारी नहीं नकली दवाई ले रही जान
    • सरेआम बिक रहे कैंसर व लीवर के नकली इंजेक्शन | Hisar News

    हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। दुनिया के 20 फ़ीसदी कैंसर (Cancer) के मरीज अकेले भारत में होने के बावजूद भी भारत के बाजारों में कैंसर व लीवर की नकली दवाएं धड़ल्ले से बिक रही हैं। पर चिंता की बात यह है कि इस बात का भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया कार्यालय को पता ही नहीं था। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को इसकी जानकारी खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से दी गई है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में बिकने वाली नकली दवाओं पर खड़ा संज्ञान लिया है। इतना ही नहीं डब्लूएचओ ने इन नकली दवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। Hisar News

    8 अलग-अलग नकली वर्जन भारतीय बाजार में उपलब्ध | Hisar News

    डब्लूएचओ की तरफ से अलर्ट जारी करने के बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया राजीव रघुवंशी ने माना कि देश में लीवर की दवा डिफिटेलियो और कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन एडसेट्रिस के आठ अलग-अलग नकली वर्जन भारतीय बाजार में मौजूद हैं। अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ड्रग कंट्रोलर को इन दवाओं पर नजर रखने के लिए कहा गया है।

    भारत सहित 4 देशों में फैला जाल

    डीसीजीआई ने बताया कि भारत सहित चार देशों में एडसेट्रिस इंजेक्शन के कई नकली वर्ज़न मौजूद हैं। इन नकली दवाओं की सप्लाई ऑनलाइन होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन से जारी आंकड़ों के अनुसार विश्व के 20 फ़ीसदी कैंसर मरीज भारत में है। कैंसर से हर साल 75 हजार लोगों की मौत हो रही है। इसके अलावा भारत में लीवर की बीमारी से करीब ढाई लाख लोगों की मौत होती है। इसके बावजूद भी देश के ट्रक कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया नकली दवाओं को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसा होता तो विश्व स्वास्थ्य संगठन से पहले यह जानकारी डीसीजीआई कार्यालय में होती।

    इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की जरूरत

    अभी भी समय रहते यदि नकली दवाइयां बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ध्यान रहे कि कोविड-19 की तीसरी लहर जब पीक पर चल रही थी,उस वक्त भी भारत मे रेमडिसिवर इंजेक्शन की मांग बढ़ते ही नकली इंजेक्शन व ब्लैक मार्केट का काम शुरू हो गया था। पर इनमें से अधिकतर लोगों को राहत मिल चुकी है। Hisar News

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