पराली की गांठों में लगी भीषण आग, 12 लाख का नुक्सान
करीब 150 एकड़ में कई दिनों से इकट्ठी की जा रही थी गठड़ियां
फिरोजपुर (सच कहूँ/जगदीप सिंह)। Stubble Fire in Firozpur: धान की पराली को आग लगाने से बचाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके लिए खेतों में पराली को एकत्रित कर डम्प किया जा रहा है। फिरोजपुर के गांव वरियाम वाला नजदीक लगाए गए पराली के डम्प में बीती देर शाम को अचानक भीषण आग लग गई। देर शाम से लगी आग को सुबह तक भी नहीं बुझाया जा सका लेकिन मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड के कर्मचारी व स्थानीय लोग आग को आगे बढ़ने से रोकने में जरुर कामयाब हो गए हैं। जबकि 1-2 दिन तक आग के सुलगते रहने की संभावना है। Firozpur News
वहीं डंप के मालिक कुलदीप सिंह ने बताया कि करीब 150 एकड़ में कई दिनों से इकट्ठी की जा रही करीब 1200 गठड़ियां (5000 टन) पराली को देर शाम अचानक आग लग गई, उन्होंने बुझाने की कोशिश की लेकिन आग कंट्रोल से बाहर हो गई और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया, जिसके बाद फिरोजपुर, जीरा व जलालाबाद से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची व आग को बुझाने की कोशिश की। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। वहीं बेलर मालिकों का कहना है कि पराली की बड़ी गठड़ियों में ज्यादा गर्माहट होने से कई बार गठड़ियां आग पकड़ लेती है।
फायर सर्विस की बिना एनओसी से गांवों के आसपास बिछाया जा रहा बारुद
एक तरफ पर्यावरण को बचाने के लिए बड़ेर स्तर पर पराली की डपिंग की जा रही है, लेकिन एक समस्या को खत्म कर, दूसरी को जन्म दिया जा रहा है, क्योंकि बेलर मालिकों को जहां भी कहीं पराली डम्प करने के लिए मौके पर जमीन मिल रही है, वह वहीं पर विभागीय कार्रवाई पूरी किए बिना पराली डंप कर रहे हैं, देखने में आया है कि कई डंप गांवों के नजदीक बने हुए हैं, गांव खाई फेमे की नजदीक एक डंप पैट्रोल पंप के बिल्कुल सामने बना है, अगर किसी भी तरह की असुखद घटना घटती है तो किसी बड़े नुक्सान से इनकार नहीं किया जा सकता। इस संबंधी फायर सर्विस के कर्मचारियों का कहना है कि डम्प किए जाने के लिए योग्य जगह सहित विभाग द्वारा कोई एनओसी फिलहाल जारी नहीं की जा रही, जो कि जरुरी है।
बेलर मालिक पराली डंपों के बीच करें हाईडैंट का प्रबंध | Firozpur News
पराली के डंप में लगी आग बुझाने आए फायर सर्विस के कर्मचारियों व डंप मालिकों में मौके पर पानी की कमी को लेकर बहसबाजी हो गई। इस दौरान फायर सर्विस के कर्मचारी कैप्टन सिंह ने डंप मालिकों से कहा कि अगर डंप मालिक लाखों रुपए खर्च कर डंप लगा रहा है तो थोड़ा खर्च और कर रैकों के बीच हाईडैंट का प्रबंध भी जरुर करे ताकि कभी ऐस घटना घटे तो मौके पर पानी का प्रबंध कर आग को कंट्रोल किया जा सके। जबकि मौके पर पहुंचे और डंप मालिक भी डंपों के बीच हाईडैंट लगाने से अनजान थे।
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