I Son of a Farmer ...

कविता : किसान का बेटा हूँ…

किसान का बेटा हूँ , खेतों में किस्मत बोता हूँ। खून पसीने से सींचता हूँ, कुदरत की मार भी सहता हूँ । किसान का बेटा हूँ… खेतों में अपनी किस्मत खोते देखा हूँ। कभी सुखाड़ में तो कभी बाढ़ में, पिता के आँखों मे आँसू देखा हूँ। किसान का बेटा हूँ… अपनी फसलों को खेतों […]
साहित्य