60 प्रतिशत चर्बी से बना होता है दिमाग

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हंसते समय मनुष्य दिमाग के लगभग 5 हिस्से एक साथ कार्य करते हैं। दिमाग का आकार और वजन दिमागी शक्ति पर कोई प्रभाव नहीं डालता। दिमाग का वजन 1230 ग्राम था जो कि सामान्य मनुष्य के बराबर था। एक जिंदा इंसानी दिमाग बहुत नर्म होता है और इसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है। दिमाग में 1,00,000 मील लंबी रक्त वाहिनियां होती हैं। दिमाग को 4 से 6 मिनट तक ऑक्सीजन न मिलने पर भी यह रह सकता है। पर 5 से 10 मिनट तक न मिलने पर ब्रेन डैमेज पक्की है। मनुष्य के दिमाग का वजन लगभग 1500 ग्राम तक होता है। मनुष्य दिमाग में न्यूरॉन की गिणती 100 अरब (जितने आकाशगंगा में तारे होते है) होते हैं और हर न्यूरॉन में 1,000 से 10,000 होते है। मानव दिमाग के अंदर एक सैकेंड में 1 लाख रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं।
मनुष्य दिमाग के 60% हिस्से में चर्बी होती हैं। इसलिए यह शरीर का सबसे अधिक चर्बी वाला अंग हैं। मस्तिष्क में प्रत्येक वस्तु (सूचना) संग्रहित होते जाती है। तकनीकी रूप से मस्तिष्क के पास अनुभव, अवलोकन, पठन, श्रवण आदि प्रत्येक वस्तु (सूचना) को संग्रह करने की क्षमता होती है। जन्म के बाद से प्रत्येक वस्तु उसमें संग्रहित होते जाती है, कुछ भी नहीं छूटता। यह अलग बात है कि मनुष्य में अपने ही मस्तिष्क में सग्रहित किसी अनेक वस्तुओं (सूचनाओं) तक वापस पहुँचने यानि कि अनेक घटनाओं को स्मरण रख पाने की क्षमता नहीं होती। दिमाग शरीर का लगभग 2% है। परन्तु यह कुल ऑक्सीजन का 20% खपत करता है और खून भी 20% उपयोग करता हैं। दिमाग के बारे में सबसे पहला उल्लेख 6000 साल पहले सुमेर से मिलता है। रिसर्च से पता चला है कि पुरूषों और महिलाओं के दिमाग की बनावट अलग-अलग होती है। अगर मनुष्य चमड़ी और मेहदे की तरह मस्तिष्क के भी बदल जाएं तो हम अपनी याददाशत गंवा सकते हैं। शेष जानकारी अगले अंक में..
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