Jhansi ki Rani
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
खूब लड़ी मर्दानी…
Published On
By Sach Kahoon Desk
साल 1858 में जून का 17वां दिन था जब खूब लड़ी मदार्नी, अपनी मातृभूमि के लिए जान देने से भी पीछे नहीं हटी।(Jhansi ki Rani) ‘‘मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी’’ अदम्य साहस के साथ बोला गया यह वाक्य अब तक हमारे कानों में गूंज रहा है। सोने की चिड़िया कहे जाने वाले भारत के 1857 […]
‘मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी’
Published On
By Sach Kahoon Desk
18जून 1858 को महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने देश को स्वतंत्र कराने हेतु जो आत्मोत्सर्ग किया, वह भारतीय स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा गया। महारानी लक्ष्मीबाई के समान अतुलनीय पराक्रम, शौर्य, संगठन भावना और दूरदृष्टि विश्व इतिहास में यदा कदा ही दृष्टिगोचर होते हैं। यूं तो तात्या टोपे नि:संदेह अपूर्व पराक्रम […]