Kavita

कविता – माँ मैं फिर आऊंगा

Kavita: तेरे आँगन को, किलकारियों से फिर महकाऊँगा ! तूं घबरा मत ! माँ मैं फिर आऊंगा बेशक दुनिया से विदा हो चला, पर तेरे आस – पास सदा मैं रहूंगा, झेली हो छाती पर गोलियां कितनी, पर दर्द भरी कहानियाँ तुझसे न कहूंगा ! मत रोना मेरी कब्र पर, किस्सा फिर कभी सुनाऊंगा। तूं घबरा […]
साहित्य