अवतार दिवस पर बॉलीवुड म्यूजिक डायरेक्टर ने पूज्य गुरु जी को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात

महाराष्ट्र में अवतार दिवस पर पौधारोपण की मुहिम, साध-संगत ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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Mumbai
धानोरा से मुंबई तक विभिन्न जिलों में पौधारोपण कर मनाया पावन अवतार दिवस, जनप्रतिनिधियों और कलाकार ने साध-संगत को दी बधाई


महाराष्ट्र। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन अवतार दिवस के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में साध-संगत ने पौधारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। धानोरा, गडचिरोली, नागपुर, किसाननगर, फलटण, सांगली, पुणे, आटपाडी और मुंबई समेत कई स्थानों पर साध-संगत ने उत्साह के साथ पौधे लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प लिया। मुंबई के बदलापुर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष सूरदास पाटिल, नगर सेवक प्रकाश पाटिल और बॉलीवुड म्यूजिक डायरेक्टर एवं सिंगर बबली सिंह ने पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने पूज्य गुरु जी के पावन अवतार दिवस की साध-संगत को शुभकामनाएं दीं और पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास की सराहना की।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि पौधारोपण आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। पेड़-पौधे पर्यावरण को संतुलित रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
बबली सिंह ने कहा कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणा से साध-संगत लगातार विभिन्न परमार्थी और सामाजिक कार्यों में योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना समाज के लिए एक प्रशंसनीय कार्य है।

कई क्षेत्रों में साध-संगत ने लगाए पौधे

महाराष्ट्र के धानोरा, गडचिरोली, नागपुर, किसाननगर, फलटण, सांगली, पुणे, आटपाडी और मुंबई सहित विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। साध-संगत ने पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस दौरान लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रमों में सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण की भावना देखने को मिली।

अवतार दिवस पर दिया हरियाली का संदेश

पावन अवतार दिवस के अवसर पर आयोजित यह पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना। साध-संगत ने संदेश दिया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प ले, तो समाज को स्वच्छ, हरा-भरा और बेहतर वातावरण दिया जा सकता है। महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर हुए इन कार्यक्रमों ने सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की भागीदारी को दशार्या। जनप्रतिनिधियों और कलाकारों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए साध-संगत को पावन अवतार दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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