Hanumangarh News: युवाओं को संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश

श्री खुशाल दास यूनिवर्सिटी में हर्षोल्लास से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस

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हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास यूनिवर्सिटी में 15 अगस्त को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों की ओर से ध्वजारोहण के साथ हुआ। समारोह में विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल एवं सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला मुख्य अतिथि तथा प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ. अमरजीत सिंह सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। Hanumangarh News

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश की आजादी असंख्य वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल गिरीश चावला ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने बलिदानी पूर्वजों के त्याग और संघर्ष की याद दिलाता है। भारत वीरों और योद्धाओं की भूमि है तथा विविधता और समृद्धि से परिपूर्ण है। उन्होंने समाज में नशे जैसी बुराइयों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ संस्कार, ईमानदारी, चरित्र, देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप क्षेत्र में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। Hanumangarh News

एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की प्रगति में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का आह्वान किया। चेयरपर्सन वरुण यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। उन्होंने विद्यार्थियों को देश की एकता, अखंडता और विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ. अमरजीत सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देशवासियों के लिए गौरव का सबसे बड़ा अवसर है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में लाखों लोगों के बलिदान को याद करते हुए विद्यार्थियों से वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शांे से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश से बड़ा कुछ नहीं है और समाज एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर किया गया कार्य ही सच्ची राष्ट्रसेवा है। इस मौके पर डॉ. विक्रम सिंह औळख सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। मंच संचालन मदन लाल शर्मा ने किया। Hanumangarh News

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