शिक्षा और रोजगार
अवतार दिवस पर बिहार में गूंजा हरियाली का संदेश, साध-संगत ने किया पौधारोपण
पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, कैमूर, मधेपुरा, दरभंगा और बेगूसराय में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
पूर्णिया। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन अवतार दिवस के उपलक्ष्य में बिहार के विभिन्न जिलों में साध-संगत ने पौधारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, कैमूर, मधेपुरा, दरभंगा और बेगूसराय में साध-संगत ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाए और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
इस अवसर पर साध-संगत ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अनमोल हैं। वृक्ष न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव तैयार करते हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर फलदार, छायादार और उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
पौधारोपण के दौरान साध-संगत ने लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करना भी हमारी जिम्मेदारी है।
बिहार के अलग-अलग जिलों में आयोजित इस अभियान में साध-संगत ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
अवतार दिवस के पावन अवसर पर किए गए इस पौधारोपण अभियान ने सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया। साध-संगत ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।
हरियाली बढ़ेगी, पर्यावरण बचेगा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा—इसी संदेश के साथ बिहार की साध-संगत ने अवतार दिवस को पौधारोपण के रूप में सार्थक बनाया।