कूनो में मौत के बावजूद राजस्थान नहीं भेजे जा रहे चीते: सिंह

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कोटा (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान के पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर ने मध्य प्रदेश में गुना जिले के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की लगातार हो रही मौतों के बावजूद इन चीतों में से कुछ को राजस्थान में स्थानांतरित नहीं करने पर केन्द्र सरकार की आलोचना की है।

कोटा में सागांद विधायक सिंह ने कहा कि अफ्रीकी देशों से कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीतों की लगातार हो रही मौतों में अब तो उच्चतम न्यायालय ने इस मसले पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं कि जब मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लगातार चीतों की मौत हो रही है तो उनमें से कुछ को राजस्थान में क्यों नहीं स्थानांतरित कर दिया जाता। इसके लिए उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से जवाब भी तलब किया है।

सिंह ने कहा कि अफ्रीकी देशों से आए चीता विशेषज्ञों की टोली ने देश भर के विभिन्न अभयारण्यों में दौरा करने के बाद जिन अभयारण्य को चीते बसाने की दृष्टि से सर्वाधिक उपर्युक्त उपर्युक्त पाया था, उसमें मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व का दरा अभयारण्य क्षेत्र का 82 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा भी शामिल था लेकिन राजनीतिक भेदभाव के चलते प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार ने भाजपा शासित मध्यप्रदेश में चीते बसाना उपर्युक्त समझा।

सिंह ने कहा कि अफ्रीकी देशों से लाए गए चीतों में से 40 प्रतिशत की मौत हो गई है जबकि अभी वहां से चीजों को लाए गए एक साल का वक्त भी नहीं गुजरा है। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में केंद्र सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जिस पर अगले महीने की पहली तारीख को सुनवाई होना है। उल्लेखनीय है कि अफ्रीका से 20 चीते लाए गए थे और लाए जाने के बाद चार शावकों का जन्म कूनो में हुआ था जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है जबकि कुछ अन्य चीते भी काल के गाल में समा चुके हैं।

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