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सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हमले से मचा हड़कंप, उड़ानें बंद; हूती विद्रोहियों की धमकी से बढ़ी चिंता
सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हमले से मचा हड़कंप, उड़ानें बंद; हूती विद्रोहियों की धमकी से बढ़ी चिंता
रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले की खबर से हड़कंप मच गया। रविवार, 11 अक्टूबर को एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 में आग लगने की घटना सामने आई। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए। लगातार हमलों के चलते एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन रोक दिया गया, जिससे हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इससे पहले 10 अक्टूबर को हुए हमले में 13 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक, मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान के एक-एक नागरिक शामिल थे। इस घटना के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
हूती विद्रोहियों ने ली हमले की जिम्मेदारी
10 अक्टूबर को हुए हमले की जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों ने ली थी। यह संगठन ईरान के समर्थन के लिए जाना जाता है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी है। हमले के दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सामने आए वीडियो फुटेज में तेज रोशनी और धुएं के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाते हुए देखा जा सकता है।
लगातार हमलों के कारण कई उड़ानें रद्द होने या उनके समय में बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई। ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
यमन में संघर्ष तेज होने की आशंका
सऊदी अरब लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता रहा है और हूती विद्रोहियों के खिलाफ संघर्ष में शामिल रहा है। हालिया हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने और संघर्ष के और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में भी हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की कार्रवाई में अमेरिका की संभावित मदद को लेकर विचार किए जाने की बात सामने आई है। यदि हमले जारी रहते हैं, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर पड़ सकता है।