Sirsa News: चोर मोरियां ढूंढकर सरसा में प्रवेश की कोशिश: सेतिया

बीरेंद्र सिंह डूमरखां को प्रदर्शन की जिम्मेदारी मिलने पर विधायक का निशाना

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Gokul Setia Statement: सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। कांग्रेस के वोट बचाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत 8 अक्तूबर को होने वाले प्रदेशव्यापी प्रदर्शन से पहले सरसा कांग्रेस की अंदरूनी सियासत एक बार फिर चर्चा में है। हरियाणा कांग्रेस ने 8 अक्तूबर को सभी जिलों में प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया है। सरसा में इसकी निगरानी की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह को दिए जाने के बीच सरसा कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में पार्टी के ही नेताओं पर निशाना साधा है।

प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रम के मुताबिक 8 अक्तूबर को सभी जिलों में वोट बचाओ-लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला जाना है। गोकुल सेतिया ने कहा कि कुछ नेता सरसा में प्रवेश के लिए चोर मोरियां ढूंढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले सरसा में कार्यक्रम बनाया गया, फिर उसे रद्द किया गया और अब दोबारा सरसा में प्रवेश के रास्ते तलाशे जा रहे हैं। विधायक ने कहा कि बाहर से चुनाव हार चुके नेताओं को सरसा का प्रभारी बनाया गया है।

बृजेंद्र सिंह को लेकर भी हो चुका है विवाद

सरसा कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चाएं इससे पहले भी सामने आ चुकी हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से आयोजित एक सम्मेलन में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर गोकुल सेतिया ने बृजेंद्र सिंह और उनके पिता बीरेंद्र सिंह को लेकर बयान दिए थे। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेदों की चर्चाएं पहले से रही हैं।

हालांकि उस कार्यक्रम में बृजेंद्र सिंह और बीरेंद्र सिंह शामिल नहीं हुए थे और उनके नहीं पहुंचने का कोई स्पष्ट राजनीतिक कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया था। अब 8 अक्तूबर के प्रदर्शन से पहले गोकुल सेतिया के ताजा बयान ने इन चर्चाओं को फिर हवा दे दी है। प्रदेश स्तर पर कांग्रेस का कार्यक्रम मतदाता सूचियों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है, जबकि सरसा में इस प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नेताओं के बीच तालमेल और मंच पर उनकी मौजूदगी भी राजनीतिक नजरिए से अहम मानी जा रही है।

बोले, राजनीतिक क्लेश है तो उसे दूर करने वाले लोग ही प्रभारी बनते

विधायक ने कहा कि उन्होंने पार्टी हाईकमान से पहले भी कहा था कि शायद पार्टी उन्हें अपना नहीं समझती। जब पार्टी के भीतर राजनीतिक क्लेश चल रहा है तो उसे दूर करने के लिए ऐसे लोगों को प्रभारी बनाया जाना चाहिए था, जो स्थानीय परिस्थितियों को समझते हों। उन्होंने कहा कि अगर वे बड़े शौक से प्रभारी बनकर आए हैं तो उनका स्वागत है। कांग्रेस का 8 अक्तूबर का कार्यक्रम मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर आयोजित किया जा रहा है।

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