एक और बेटी से चलेगी वंश बेल

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बरनावा। सच्चे रूहानी रहबर और समाज सुधारक पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा शुरू की गई सभी मुहिम रूढ़िवादिता और अंधविश्वासों की बेड़ियों को तोड़कर समाज में जागरूकता लाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। एक वक्त सिर्फ बेटों से ही वंश चलने की धारणा पूज्य गुरु जी की मुहिम ‘कुल का क्राऊन’ की बदौलत अब टूट चुकी है। आज बेटियों से भी वंश चल रहा हैं। इसी ‘कुल का क्राउन’ मुहिम के तहत मंगलवार सायं शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा में एक और शादी हुई।

कुल का क्राउन

पूज्य गुरु जी द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई के 140 कार्यों में से 73वां कार्य ‘कुल का क्राउन’ है। जिसमें ये माना जाता था कि लड़कों से ही वंश चलता है। पूज्य गुरु जी ने इस भ्रम को दूर किया और इस मुहिम के तहत लड़की शादी करके दूल्हे को घर लेकर जाती है और लड़की से ही वंश चलता है।


बेटे के अंदर अगर माँ-बाप का खून है तो क्या बेटी के अंदर माँ-बाप का पानी भरा होता है। बेटे के अन्दर माँ-बाप का खून बहु दूसरी आती है उसका बच्चा वंश चलाता है। तो बेटी के अंदर भी उसी माँ-बाप का खून है और दामाद दूसरा आता है, तो बेटी अपने बच्चे से वंश क्यों नहीं चला सकती? फर्क कहां है? इसलिए कुल का क्राउन, जिनके एक ही बेटी है या मान लीजिये दो बेटियां ही हैं और एक की शादी हो गई तो दूसरी बेटी है तो मालिक अब जो पौध लगाएगा, जो बच्चा आएगा वो बेटी के गोत्र से जाना जाएगा ना कि बेटे के गौत्र से।
– पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां

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