Tamil Nadu Mettur Dam: मेट्टूर डैम खतरे के निशान पर पहुँचा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
Tamil Nadu Mettur Dam: चेन्नई। तमिलनाडु के प्रमुख जलाशयों में से एक मेट्टूर डैम (स्टैनली जलाशय) ने वर्ष 2025 में तीसरी बार अपनी पूर्ण जल क्षमता – 120 फीट तक का स्तर प्राप्त कर लिया है। यह स्थिति पश्चिमी घाट और इसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भीषण वर्षा और तेज जल प्रवाह के कारण उत्पन्न हुई है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि बांध से छोड़े जाने वाले जल की मात्रा को 22,500 क्यूसेक से बढ़ाकर 31,000 क्यूसेक कर दिया गया है, ताकि जलस्तर नियंत्रण में रहे और बांध की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Mettur Dam News
किसानों में खुशी, प्रशासन सतर्क
कावेरी डेल्टा क्षेत्र के किसानों के लिए यह स्थिति सुखद समाचार लेकर आई है। सिंचाई के लिए मुख्य रूप से कावेरी नदी पर निर्भर रहने वाले किसान खरीफ फसल की तैयारी में जुट गए हैं। पर्याप्त जल आपूर्ति से खेती की गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे उत्पादन बढ़ने की संभावना है। हालाँकि, प्रशासन ने नदी किनारे बसे नीचले क्षेत्रों के निवासियों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है। उन्हें सतर्क रहने और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
राजस्व तथा आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय निकायों के सहयोग से संभावित निकासी या राहत कार्यों की तैयारी की जा रही है। सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए बांध और नदी किनारे के क्षेत्रों में प्रवेश निषिद्ध कर दिया गया है, जिससे किसी भी दुर्घटना से बचाव हो सके।
डैम की भूमिका और भविष्य की योजना | Mettur Dam News
मेट्टूर डैम, जिसे स्टैनली जलाशय के नाम से भी जाना जाता है, कावेरी नदी प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह तमिलनाडु के कई जिलों की सिंचाई व्यवस्था में मुख्य योगदान देता है। बांध प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में वर्षा और जल प्रवाह की तीव्रता के अनुसार जल छोड़ने की प्रक्रिया की पुनः समीक्षा की जाएगी। वर्ष 2025 में यह तीसरा अवसर है जब मेट्टूर डैम पूर्ण क्षमता तक भर चुका है — इससे इस वर्ष के मानसून की तीव्रता का अनुमान लगाया जा सकता है।
नागरिकों के लिए अपील | Mettur Dam News
अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे:
प्रशासन की चेतावनियों और दिशानिर्देशों का पालन करें,
खतरनाक क्षेत्रों से दूर रहें,
और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
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