पावन भंडारे में आती साध-संगत के साथ हुआ साक्षात् करिश्मा

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सतगुरु जी ने बचाई बस में सवार दर्जनों डेरा प्रेमियों की जान

धर्मशाला (सच कहूँ न्यूज)। कहते हैं कि जब इन्सान अपने सतगुरु पर पूरा दृढ़ विश्वास करते हुए कदम बढ़ा देता है तो उसका मौत जैसा भयानक कर्म भी कंकर में बदल जाता है। ऐसा ही कुछ रविवार को पावन भंडारे में आ रही हमीरपुर के ब्लॉक किरवीं की साध-संगत के साथ हुआ। पावन भंडारे की नामचर्चा के दौरान हिमाचल प्रदेश के 45 मैंबर कमल ठाकुर इन्सां ने साक्षात् करिश्में के बारे में बताया कि जिला हमीरपुर के किरवी ब्लॉक से साध-संगत बस में सवार होकर धर्मशाला में पावन भंडारे की नामचर्चा में शिरकत करने के लिए रवाना हुई थी। रास्ते में बस छोटे लिंक रोड पर दूसरे वाहन को साइड देते हुए अचानक पलट गई। बस जिस बुरी तरह से पलटी थी, उसे देख सभी लोग घबरा गए।

वहीं जिन लोगों ने बस को बाहर से देखा तो वे कहने लगे कि इस बस में सवार शायद ही किसी सवारी की जान बचेगी। तभी बस एक साइड में पलटते हुए अचानक एक बड़े से चीड़ के पेड़ के पास खड़ी हो गई और उसमें सवार साध-संगत को ऐसा एहसास हुआ, जैसे पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने स्वयं अपने हाथों में उठाकर बस को वहां रख दिया हो। इतने भीषण हादसे के बावजूद सतगुरु जी ने बस में सवार किसी भी साध-संगत को खरोंच तक नहीं आने दी। बस में सवार साध-संगत ने ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ का पवित्र नारा लगाकर सतगुरु जी की शुक्रिया अदा किया।

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