इस बलोच कार्यकर्ता ने उजागर की पाकिस्तान की ‘दोहरी सच्चाई’!

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को बताया निराधार

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Balochistan Issue: क्वेटा। बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच (Meer Yar Baloch) ने पाकिस्तान की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए उसे “दोहरे मापदंड अपनाने वाला देश” करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भ्रामक प्रचार कर वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास करता है। साथ ही, दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को उन्होंने निराधार और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया। Balochistan News

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान जामिया में हुए एक विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी। यह प्रदर्शन एक कार्यक्रम के दौरान हुआ था, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंधित बताया गया था। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मीर यार बलोच ने कहा कि पाकिस्तान को भारत जैसे लोकतांत्रिक देश पर टिप्पणी करने से पहले अपने आंतरिक हालात पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि भारत में विद्यार्थियों को शिक्षा, विचार अभिव्यक्ति और बहस का अधिकार प्राप्त है, जबकि बलोचिस्तान में छात्रों की शैक्षणिक स्वतंत्रता बाधित की जा रही है।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने विचार साझा करते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान में बलोच छात्रों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है और साहित्य तक उनकी पहुंच सीमित की जा रही है। उनके अनुसार, कई स्थानों पर पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा शैक्षणिक परिसरों में निगरानी और नियंत्रण बढ़ाया गया है। मीर यार बलोच ने यह भी दावा किया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा छात्रों को हिरासत में लेने और शैक्षणिक गतिविधियों में हस्तक्षेप करने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बलोचिस्तान के कई शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को स्वतंत्र रूप से अध्ययन करने की अनुमति नहीं दी जाती और विरोध की आवाज उठाने पर कार्रवाई की जाती है।

उन्होंने पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बलोच युवाओं के साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पूर्व में सामने आए कुछ विवादों का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक संस्थानों में गोपनीयता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। अंत में, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान की नीतियां केवल आंतरिक ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में भी प्रभाव डालती हैं, जिससे शिक्षा और नागरिक जीवन प्रभावित होता है। Balochistan News

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