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पंजाब में अधिकारी एस. पी. सिंह गिरफ़्तार

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चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने पंजाब राज्य औद्योगिक निर्यात निगम ( पीएसआईईसी) के कार्यकारी निदेशक एस. पी सिंह को औद्योगिक भूखंड तबादले और विभाजन करने के आरोपों में शनिवार को गिरफ़्तार कर लिया।
ब्यूरो के प्रवक्ता ने यहां जानकारी देते हुये बताया कि सिंह पर निगम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर रियल्टी फर्म ‘गुलमोहर टाउनशिप प्राईवेट लिमटिड’ को औद्योगिक भूखंड के तबादले और विभाजन करने सम्बन्धी अनावश्यक लाभ पहुँचाने और सरकारी खजाने को भारी नुक्सान पहुँचाने के आरोपों में मामला दर्ज है। उसे रविवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जायेगा।

प्रवक्ता के अनुसार इस आपराधिक मामले में पूर्व उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा और निगम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध मोहाली स्थित एक औद्योगिक प्लाट में टाउनशिप स्थापित करने के लिए गुलमोहर टाउनशिप नाम की फर्म के नाम पर तब्दील करने और प्लाटों को विभाजित करने की मंजूरी देने के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में निगम के अनेक अधिकारियों के अलावा गुलमोहर टाउनशिप के तीन मालिकों और इनके साथी भी नामजद हैं।

क्या है मामला

इससे पहले ब्यूरो ने गत वीरवार को इस मामले में पीएसआईईसी के सात अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ़्तार कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। इनमें एस्टेट अधिकारी अंकुर चौधरी, दविंदरपाल सिंह महाप्रबंधक(कामिर्क), जे. एस. भाटिया मुख्य महाप्रबंधक (नियोजन), आशिमा अग्रवाल, सहायक टाउन प्लानर (योजना), परमिंदर सिंह कार्यकारी अभियंता, रजत कुमार जिला अटार्नी और संदीप सिंह उप मंडलीय अभियंता शामिल हैं। इन्होंने मिलीभगत कर उपरोक्त रियल्टी फर्म को अनावश्यक लाभ पहुँचाने में मदद करने का आरोप है। आरोपियों में शामिल तेजवीर सिंह जिला टाउन प्लानर ही मौत हो चुकी है गई जबकि भाई सुखदीप सिंह सिद्धू और रियल्टी फर्म के निदेशक जगदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह और राकेश कुमार शर्मा की गिरफ़्तारी होनी बाकी है।
इस मामले के सम्बंध में पीएसआईईसी के उक्त सभी आरोपियों और पूर्व मंत्री के इलावा गुलमोहर टाउनशिप के तीन निदेशकों के विरुद्ध ब्यूरो के एस. ए. एस. नगर थाने में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जायेगी।

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