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Wednesday, February 18, 2026
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    ‘किसानों को पांवों पर खड़ा करना हमारी जिम्मेदारी’

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    लगातार बढ़ते अनुपात अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य में हो वृद्धि

    चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में प्रदेश सरकार कृषि कर्जें के पक्के समाधान करने की दिशा में कार्य कर रही है ताकि किसानों को अपने पांवों पर खड़ा किया जा सके। यह बात स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को पंजाब विधान सभा के बजट सैंशन के पहले दिन सैंशन उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुये कही।

    सिद्धू ने कहा कि किसानों को पांवों पर खड़ा करना हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता है और इस दिशा में मुख्यमंत्री द्वारा टी हक कमेटी बनाई गई है। जो कृषि के सुधार के लिए अपनी रिपोर्ट देगी।

    सिद्धू ने कहा कि मनरेगा के समूह प्रयोग के लिए पांच एकड़ से कम मलकीयत वाले किसानों को भी मनरेगा के दायरे में लाया जाए जिससे इन किसानों को अपने खेतों में कार्य करने के बदले बनती राशि अदा की जाए। इसके साथ ही उन्होंने केन्द्र सरकार से यह भी मांग की कि कृषि लागतों की वृद्धि के अनुपात अनुसार फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए।

    पांच एकड़ मलकीयत वाले किसानों को भी लाया जाए मनरेगा के दायरे में

    उन्होंने आगे कहा कि अगर विगत कुछ वर्षों में डीजल की कीमतों में तीन गुना बढ़ोतरी हो सकती है तो फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य क्यों नहीं बढ़ाया जा सकता। किसानों की दशा सुधारने और कर्जों से निजात दिलाने के पूछे प्रश्र के उत्तर में श्री सिद्धू ने कहा कि सरकार इस के पक्के हल के लिए कार्य कर रही है ताकि किसानों पर कर्जा ही ना चढ़े।

    उन्होंने किसानों की बेहतरी के लिए अपने द्वारा कुछ नुक ते सुझाते हुए कहा कि कर्जा देने वाले के पास लाईसेंस होना जरूरी हो। कर्जा नकद राशि की बजाये चैक द्वारा दिया जाए किसानों द्वारा लिये कर्जे की मूल राशि से दुगनी से अधिक राशि किसानों द्वारा ना अदा करनी पड़े और किसानों की फसलों का बीमा हो।

    सिद्धू ने कहा कि मनरेगा के समूह प्रयोग के लिए पांच एकड़ से कम मलकीयत वाले किसानों को भी मनरेगा के दायरे में लाया जाए जिससे इन किसानों को अपने खेतों में कार्य करने के बदले बनती राशि अदा की जाए। इसके साथ ही उन्होंने केन्द्र सरकार से यह भी मांग की कि कृषि लागतों की वृद्धि के अनुपात अनुसार फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए।

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