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जब पुलिस अफसरों के कर्मों का भार साईं जी ने अपने शरीर पर लिया

संतों का जीवन परहित को समर्पित होता है। सच्चा गुरू, किसी जीव को नामदान देकर उसे अपना शिष्य बनाने से पूर्व उसके बुरे कर्मों को नष्ट करता है और उसकी सारी बलाएं (कष्ट) खुद के शरीर पर ले लेता है। ऐसे ही एक प्रत्यक्ष नजारे का जिक्र करते हुए गांव कंवरपुरा सरसा, (हरियाणा) के श्रद्धालु […]
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