पंजाब: महिलाओं का ‘मुफ्त बस सफर’ पड़ा भारी, वेतन को तरसे पीआरीटीसी के कर्मचारी

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सरकार ने कई महीनों की मुफ़्त सफर की राशि नहीं की जारी

  • पीआरटीसी में 4500 के करीब पैंशनर और 3800 के करीब मौजूदा कर्मचारी दे रहे सेवाएं

पटियाला(सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। महिलाओं के मुफ़्त बस सफर ने पीआरटीसी की आर्थिकता को पटरी से उतार दिया है। आलम यह है कि सरकार की तरफ महिलाओं के मुफ़्त बस सफर का 130 करोड़ के करीब बकाया खडा है, जिस कारण कर्मचारियों और पैंशनर अपनी, तनख्वाहें और पैंशनों का इन्तजार रहे हैं। तनख्वाहें और पैंशनें न मिलने के कारण कर्मचारियों मैनेजमेंट को धरने प्रदर्शनों की धमकी दे दी है। जानकारी के अनुसार पिछले सालों से पीआरटीसी की आर्थिक पक्ष से हालत अच्छी चल रही थी, परन्तु जब से कैप्टन सरकार की ओर से महिलाओं के मुफ़्त बस सफर वाली स्कीम लागू की गई है, तब से पीआरटीसी का ढांचा खतरे में पड़ना शुरू हो गया। चाहे पहला कैप्टन या चन्नी सरकार की ओर से पीआरटीसी को कुछ महीनों बाद मुफ़्त बस सफर की राशि रिलीज कर दी जाती थी, परन्तु इस सरकार में पीआरटीसी को मुफ़्त सफर की पिछले कई महीनों से पेडिंग पड़ी राशि जारी न करने के चलते पीआरटीसी की हालत पतली हुई पड़ी है।

पीआरटीसी की तरफ से अभी तक अपने कर्मचारियों को अप्रैल महीने की तनख़्वाह नहीं दी गई है, जिसके बाद कर्मचारियों में गुस्सा पाया जा रहा है। पीआरटीसी के 4500 के करीब पैंशनर और 3800 के करीब मौजूदा कर्मचारी हैं और इन के एक महीने की तनख़्वाह और पैंशन 25 करोड़ के करीब बनती है। पीआरटीसी की तरफ से चाहे मुफ़्त बस सफर के बिल आदि सरकार की तरफ पिछले महीनों के जमा करवाने के बावजूद भी अभी तक कोई राशि रिलीज नहीं की गई। पैसा रिलीज न होने के कारण पिछले लगभग ढेड साल के समय दौरान पहली बार हुआ है कि पीआरटीसी की तरफ से कर्मचारियों को तनख़्वाह नहीं दी गई। इधर अधिकारियों का कहना है कि पैसे जारी न होने के कारण ही कर्मचारियों की तनख़्वाह और पैंशन लेट हुई है। उन्होंने कहा कि वह खुद सरकार की तरफ देख रहे हैं। वैसे उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सरकार की तरफ से राशि जारी कर दी जाएगी।

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