Satguru

जब सतगुरु ने मोड़ दिया था काल का मुंह

नवम्बर, 1982 की बात है। भंडारे से दो दिन पहले हमने अपनी एक रिश्तेदारी में सरसा आना था। हमने कार्यक्रम बनाया कि भंडारे का सत्संग भी सुनकर आएंगे। हमारे साथ कुछ बहन भाई और भी तैयार हो गए, जिनमें से आठ नामदान लेने वाले जीव भी थे। उन दिनों पंजाब में उग्रवाद फैला हुआ था। […]
देश  प्रेरणास्रोत  न्यूज़ ब्रीफ