पूज्य गुरु जी ने शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान पर किए वचन

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बरनावा। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) से आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से बच्चों के अच्छे पालन-पोषण में आ रही परेशानियों सहित विभिन्न सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। पूज्य गुरु जी ने इस दौरान अभिभावकों को बेहतरीन टिप्स और सुझाव दिए। इस दौरान आॅनलाइन सवालों को आदरणीय ‘रूह दी’ हनीप्रीत इन्सां ने पढ़ा।

सवाल : पूज्य गुरु जी मैं इस बात को लेकर कन्फयूज हूँ कि बच्चे के लिए हॉस्टल लाइफ सही है या डे-स्कॉलर लाइफ बढ़िया है? आपके आश्रम के (शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थानों के) स्कूल बैस्ट हैं। मेरे रिलेटिव का बच्चा किसी हॉस्टल में था और वहां छोटे-छोटे बच्चे भी नशे कर रहे थे। इसके लिए क्या समाधान हो?

पूज्य गुरु जी का जवाब : आश्रम में तो बच्चे बिल्कुल सेफ हैं। वहां पर फोन भी नहीं होते और टीवी भी नहीं होते। एक गुरुकुल की तरह वो स्कूल हैं। जैसे हमारे पुरातन पवित्र वेदों में बताया गया है। और एक टाइम तो ऐसा भी था कि वहां के बच्चे पूरे एशिया के मेडलों में से 10 पर्सेंट वो जीतकर लाते थे पूरे इंडिया के लिए। और पढ़ाई में भी वो मैरिट होल्डर हैं। बहुत ज्यादा अच्छी पढ़ाई होती है। लेकिन और जगहों के बारे में आप कहते हो तो पहले आपको जाकर चैक करना चाहिए, कि वहां नशा या ऐसा कुछ तो नहीं है। फीडबैक लें, एकदम से हॉस्टल में ना डालें बच्चे को। और फिर लगे कि ऐसा डाउट है तो फिर डे-स्कॉलर में कोई दिक्कत नहीं है, अगर आपके आसपास में स्कूल है तो। लेकिन उसमें भी ध्यान जरूरी है सोहब्ब का, क्योंकि वो बस में ट्रेवल करेंगे या जिसमें भी। नशा तो हर जगह है आज, ऐसा गंदा टाइम आ गया है। पर उससे बचाव के लिए बच्चे के लिए टाइम देना बेस्ट तरीका है।

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