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वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिलने पर भड़के बचपन के कोच, गौतम गंभीर की रणनीति पर उठाए सवाल
IPL और जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन के बावजूद प्लेइंग-11 से बाहर हैं वैभव, मनीष ओझा बोले- बेंच पर बैठाकर युवा खिलाड़ियों को तैयार नहीं किया जा सकता।
Cricket News: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी20 सीरीज में अब तक खेलने का मौका नहीं मिला है। उम्मीद थी कि रांची में खेले गए मुकाबले में उन्हें प्लेइंग-11 में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भारतीय टीम वह मैच हार गई, इसके बावजूद अगले मुकाबले में भी वैभव को मौका नहीं दिया गया। हालांकि, तीसरे टी20 में जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। अब चौथे टी20 में भी वैभव को मौका मिलने पर संशय बना हुआ है। इस बीच उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने टीम मैनेजमेंट और मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं।
'लगातार बाहर रखने से गिर सकता है मनोबल'
एक मीडिया वेबसाइट से बातचीत के दौरान मनीष ओझा ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम तक का सफर तय किया है। इसके अलावा जिम्बाब्वे दौरे पर भी उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था। ऐसे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ अब तक एक भी मैच में मौका नहीं मिलना निराशाजनक है।
मनीष ओझा का मानना है कि वैभव को हर मुकाबले में खिलाना जरूरी नहीं है, लेकिन कम से कम एक या दो मैचों में उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर जरूर मिलना चाहिए। लगातार प्लेइंग-11 से बाहर रखने से युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है।
'बेंच पर बैठाकर खिलाड़ी तैयार नहीं होते'
वैभव के कोच ने युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि 14-15 साल के खिलाड़ियों को केवल बेंच पर बैठाकर या पानी पिलाने की जिम्मेदारी देकर तैयार नहीं किया जा सकता। उन्हें मैदान पर उतरने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव भी देना होगा।
उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यदि नई पीढ़ी को समय रहते मौके नहीं दिए जाएंगे, तो भविष्य के लिए मजबूत टीम कैसे तैयार होगी? उनके मुताबिक, युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए टीम मैनेजमेंट को उन्हें उचित अवसर देने चाहिए।
गौतम गंभीर की कोचिंग पर भी उठाए सवाल
मनीष ओझा ने गौतम गंभीर की कोचिंग रणनीति पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए और उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए।
कोच ने बताया कि वह रांची में भारत का मुकाबला देखने स्टेडियम पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि वैभव सूर्यवंशी प्लेइंग-11 में नजर आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होने से उन्हें निराशा हुई।
अब चौथे टी20 में मिलेगा मौका?
भारत ने तीसरे टी20 में जीत दर्ज कर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने सीरीज जीतने के साथ खिलाड़ियों को आजमाने का विकल्प भी है। हालांकि, चौथे मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट ही करेगा।
फिलहाल, वैभव को लगातार बाहर रखने का मुद्दा चर्चा में है। उनके कोच की नाराजगी ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने के साथ-साथ मैदान पर अपनी क्षमता साबित करने के पर्याप्त अवसर देना भी जरूरी है।