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Satya Niketan Building Collapse Update: सत्य निकेतन इमारत हादसा: दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
PG ऑपरेटर सुधांशु गिरफ्तार, अब तक 5 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
Satya Niketan Building Collapse Update: नई दिल्ली (सच कहूँ/एजेंसी)। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने पीजी संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। पुलिस घटना के कारणों और इमारत में चल रहे निर्माण व मरम्मत कार्य की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मकान मालिक के बेटे महेश बंसल से पूछताछ के दौरान इमारत को लेकर अहम जानकारी सामने आई। महेश ने बताया कि अगस्त 2025 से यह भवन उसके दो कारोबारी साझेदारों शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दिया गया था।
‘हॉस्टल डेज’ के नाम से चल रहा था पीजी
जांच में सामने आया है कि शुभम त्यागी और सुधांशु लीज पर ली गई इमारत में ‘हॉस्टल डेज’ नाम से लड़कों के लिए पीजी सुविधा संचालित कर रहे थे। हादसे के समय भवन में कई छात्र मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि मकान मालिक के परिवार की ओर से इमारत के रखरखाव की जिम्मेदारी महेश देखता था। महेश को पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया था और उसकी पुलिस हिरासत की अवधि बुधवार को समाप्त हो रही है। उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किए जाने की बात कही गई है।
पुलिस ने इससे पहले उत्तर प्रदेश के कासगंज से उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर को भी गिरफ्तार किया था, जो इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम संभाल रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में कॉन्ट्रैक्टर से पुलिस को पता चला कि हादसे वाले दिन बेसमेंट के फर्श पर काम चल रहा था। बताया गया कि बारिश के दौरान पिछले कई दिनों से वहां कचरा जमा हो रहा था, जिसके चलते फर्श की मरम्मत की जा रही थी। इसके साथ ही इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर भी काम किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि क्या अतिरिक्त व्यावसायिक जगह तैयार करने के लिए किए जा रहे बदलावों का इमारत की संरचना पर कोई असर पड़ा था।
हादसे में सात लोगों की हुई थी मौत
पुलिस के मुताबिक, ‘हॉस्टल डेज’ नाम से संचालित यह पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे ढह गई थी। घटना के वक्त भवन में कई छात्र मौजूद थे। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मकान मालिक के परिवार, पीजी संचालन और मरम्मत कार्य से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू की। अब सुधांशु की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत को पीजी के रूप में संचालित करने, रखरखाव और मरम्मत से जुड़े फैसलों में किस-किस की भूमिका थी।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों को जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इमारत में किस प्रकार के निर्माण या बदलाव किए गए थे और क्या इसके लिए जरूरी अनुमति ली गई थी। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ अन्य संभावित जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।