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Insaniyat Campaign: संगरिया के सेवादारों ने 1500 कि.मी. दूर से बिछुड़े विशाल को परिजनों से मिलवाया
मानसिक तौर पर विक्षिप्त युवक को उसके परिजनों से मिलवा पेश की इंसानियत की एक और मिसाल
Insaniyat Campaign: संगरिया, (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। 4 महीनों से लापता मानसिक रूप से विक्षिप्त विशाल को डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने न सिर्फ सहारा दिया, बल्कि 1500 किलोमीटर दूर बिहार से आए उसके भाई छोटू से मिलवाकर बिछड़े हुए परिवार को एक कर दिया। बीती 1 सितंबर 2026 को गांव बोलवाली के सेवादार अमोलक इन्सां और कृपाल इन्सां को एक युवक बेहद दयनीय और मानसिक रूप से परेशान हालत में मिला। सेवादारों ने तुरंत इसकी सूचना शाह सतनाम सिंह जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेवार लाल चंद इन्सां को दी।
मौके पर पहुंचे सेवादारों ने सबसे पहले स्थानीय पुलिस थाने को सूचित किया। इसके बाद युवक को मानवता भलाई केंद्र लाया गया। वहाँ सेवादारों ने उसकी कटिंग व शेव बनाई, नहलाया-धुलाया और नए कपड़े पहनाए। अपनत्व और सेवा का ऐसा असर हुआ कि युवक की हालत में सुधार आने लगा। उसने अपना नाम विशाल और घर मुजफ्फरपुर (बिहार) बताया। इस मौके पर शाह सतनाम सिंह जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी जिम्मेवार लाल चंद इन्सां, महेश गोयल इन्सां, सुखदेव इन्सां, बबलू गर्ग इन्सां, पवन इन्सां आदि मौजूद रहे।
एक और चमत्कार सुलझ गया 3 साल पुराना जमीनी विवाद
छोटू के लिए यह सफर सिर्फ भाई से मिलने का नहीं, बल्कि उसकी तकदीर बदलने वाला साबित हुआ। छोटू ने बताया कि यहाँ आने के बाद उसे खबर मिली कि गाँव में उसकी 1 बीघा जमीन, जिसका पिछले 3 साल से कोर्ट-कचहरी में विवाद चल रहा था, वह भी फैसला उसके हक में आने से उसके नाम हो गई। विशाल का मिलना और जमीन का वापस आना, परिवार के लिए किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं था।
1500 किमी दूर से आया भाई
सच्चे नम्र सेवादार रामफल इन्सां के अथक प्रयासों से विशाल के परिजनों का सुराग खोजा गया। जब फोन पर विशाल के भाई छोटू से बात हुई, तो उसे यकीन ही नहीं हुआ। छोटू ने रोते हुए बताया कि उसका भाई पिछले 4 महीनों से मुजफ्फरपुर से गुमशुदा था। उन्होंने हर जगह ढूंढा, पर कोई अता-पत्ता नहीं मिला था। खबर मिलते ही छोटू बिना वक्त गंवाए 1500 किलोमीटर का सफर तय कर संगरिया के लिए रवाना हो गया। जब उसने संगरिया पहुंचकर अपने भाई विशाल को गले लगाया, तो चार महीने का दर्द और सफर की सारी थकान आंसुओं के रूप में बह गई।
हर तरफ हो रही है सेवादारों की तारीफ
सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस थाने के स्टाफ की मौजूदगी में विशाल को सकुशल उसके भाई छोटू के सुपुर्द कर दिया गया। पूर्व पालिकाध्यक्ष नत्थू राम सोनी ने मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि किसी बिछड़े हुए को उसके परिवार से मिलवा देना दुनिया का सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है, जो डेरा के सेवादारों ने कर दिखाया। वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की संगरिया इकाई चाहे मानसिक रोगियों की संभाल हो, बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था हो या गरीबों को राशन देना हो, हर भलाई कार्य में हमेशा आगे रहती है। पुलिस कर्मचारी मनदीप ने भी इस नेक कार्य के लिए डेरा सच्चा सौदा की संगरिया इकाई और पूज्य गुरु जी की जमकर तारीफ की।