TET News: अब नौकरी व प्रमोशन के लिए टीईटी जरुरी, 3 साल में पास नहीं की तो जाएगी नौकरी

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य

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TET Mandatory for Existing Teachers: श्रीगंगानगर (सच कहूँ/लखजीत सिंह)। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य होगी। केंद्र सरकार ने भी इस फैसले पर मुहर लगा दी है। जिन शिक्षकों की नौकरी में पांच वर्ष से अधिक सेवा शेष है, उन्हें तीन साल के भीतर टीईटी पास करना होगा, अन्यथा नौकरी जा सकती है। वहीं जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष से कम बची है, वे बिना टीईटी सेवानिवृत्ति तक काम कर सकते हैं, लेकिन पदोन्नति के लिए परीक्षा अनिवार्य रहेगी। TET News

शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि टीईटी अब केवल नई भर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति के लिए भी जरूरी है। बिना टीईटी पास किए कोई भी शिक्षक पदोन्नति का पात्र नहीं होगा। मंत्रालय ने बताया कि आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 23 के तहत एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 को अधिसूचना जारी कर कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने के लिए न्यूनतम योग्यता तय की थी, जिसमें टीईटी अनिवार्य है।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट का अहम कदम

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। लेकिन पुराने शिक्षकों के लिए यह चुनौतीपूर्ण है। शिक्षक संघ रेसटा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर पुराने शिक्षकों को छूट देने की मांग की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि लंबे समय से सेवा में कार्यरत शिक्षकों को टीईटी से छूट मिलनी चाहिए, क्योंकि यह उनकी आजीविका पर सीधा असर डालता है।

टीईटी पास करने की अवधि दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष

सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत शिक्षकों को राहत देते हुए टीईटी पास करने की अवधि दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी है। साथ ही सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा नियमित रूप से कम से कम हर छह माह में एक बार आयोजित करें, ताकि शिक्षकों को पर्याप्त अवसर मिल सकें। हालांकि, 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पूर्ण छूट देने की मांग अदालत ने खारिज कर दी। TET News

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