हिसार, गुरुग्राम और महेन्द्रगढ़ में पारा 1 डिग्री

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10 जनवरी से मौसम में बदलाव के आसार

चंडीगढ़ (एजेंसी)। समूचा उत्तर भारत रविवार को भी घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा तथा प्रचंड शीतलहर ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कोहरे के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। हवाई सेवा के प्रभावित रहने से विमानन कंपनियों को काफी घाटा झेलना पड़ रहा है। इसके अलावा लंबी तथा कम दूरी की ट्रेनें कई घंटों से देरी से चल रही हैं जिससे यात्रियों को कड़ाके की ठंड के बीच परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चंडीगढ़ सहित क्षेत्र में कई दिनों से अच्छी धूप न निकलने से ठंड का असर दुगुना बढ़ गया। हाथ पैर सुन्न हो रहे हैं और हाड़ कंपाती सर्दी से अगले तीन दिन राहत की उम्मीद नहीं है। कड़ाके की ठंड में पक्षियों की चहचहाहट कहीं सुनाई नहीं देती तथा लोग अलाव जलाकर सर्दी ने निपटने की कोशिश में लगे हैं। सूखी ठंड से दस जनवरी तक राहत के आसार हैं।मौसम केन्द्र के अनुसार अगले तीन दिन मौसम खुश्क रहने लेकिन भीषण ठंड तथा घने कोहरे का प्रकोप बना रहेगा और दस जनवरी से मौसम में बदलाव के आसार हैं। पहाड़ों पर बर्फ तथा बारिश की संभावना है जिसका असर मैदानी इलाकों पर पड़ेगा।

रविवार को हिसार, गुडगांव और महेन्द्रगढ़ का न्यूनतम तापमान एक डिग्री तक नीचे गिर गया। वहीं चंडीगढ़ और अंबाला में पारा चार डिग्री दर्ज किया गया। करनाल, नारनौल और रोहतक में तीन डिग्री, चंडीगढ़ और भिवानी में चार डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। अमृतसर का पारा छह डिग्री, लुधियाना, फरीदकोट का पारा 5 डिग्री, गुरदासपुर 4 डिग्री, रोपड़ 3 डिग्री सहित राज्य में पारा तीन से छह डिग्री के बीच रहा तथा प्रचंड शीतलहर और घने कोहरे से आम जनजीवन प्रभावित रहा। घने कोहरे को गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन सब्जियों सहित कुछ फसलों पर कोहरे तथा खराब मौसम की मार पड़ी है।

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