रतनगढ़ ब्लॉक के महेंद्र इन्सां शरीरदान करके मरकर भी अमर हो गए
पार्थिव शरीर विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु मेडिकल कॉलेज, देहरादून को किया दान
रतिया (सच कहूँ/तरसेम सैनी/शामवीर)। डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत रतनगढ़ ब्लॉक के गांव महमदकी में एक डेरा अनुयायी परिवार ने अपने पारिवारिक सदस्य के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर चिकित्सा अनुसंधान एवं मेडिकल शिक्षा के लिए दान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। गांव महमदकी निवासी 83 वर्षीय महेंद्र सिंह इन्सां ने जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का प्रण किया हुआ था। Fatehabad News
उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च एवं विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु मेडिकल कॉलेज, देहरादून को दान कर दिया। परिजनों के अनुसार महेंद्र सिंह इन्सां सदैव मानव सेवा और समाज कल्याण की भावना से जुड़े रहे। उनके पुत्र तरसेम, गुरमीत, जगपाल, पुत्री मूर्ति और रानी कौर सहित अन्य परिवारजनों ने उनके संकल्प को पूरा करते हुए यह सराहनीय कदम उठाया।
इस दौरान डेरा सच्चा सौदा की मुहिम बेटा-बेटी एक समान के तहत बेटियों ने अर्थी का कंधा दिया। पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के दौरान परिजनों, रिश्तेदारों, क्षेत्रवासियों, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों तथा बड़ी संख्या में साध-संगत ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान ‘शरीरदान महादान’ और ‘महेंद्र सिंह इन्सां अमर रहें’ के नारों ’ से आसमान गूंज उठा। Fatehabad News
हरियाणा राज्य के सच्चे नम्र सेवादार हरदीप सिंह इन्सां और उत्तम इन्सां ने कहा कि मृत्यु के बाद शरीर मिट्टी में मिल जाता है, लेकिन शरीरदान के माध्यम से व्यक्ति मृत्यु के बाद भी समाज और मानवता की सेवा कर सकता है। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और चिकित्सा अनुसंधान के लिए ऐसे दान अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रेमी सेवक जगजीवन, पूर्व सरपंच तुलसी इन्सां, पूर्व सरपंच राजेंद्र कुमार नीटा, दर्शन, अंग्रेज, पवन, दलबीर इन्सां, जसबीर, प्रीत, ओम सतनाम, केवल, रंगा, बलवंत, कालीचरण सहित शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के अनेक भाई-बहन उपस्थित रहे। Fatehabad News